उत्तराखंड की मशहूर गढ़वाली गायिका प्रियंका मेहर एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं । इस बार उनके नए गाने “स्वामी जी प्लीज” की एक लाइन ने चमोली जिले के उर्गम गांव के लोगों की भावनाओं को आहत कर दिया है ।

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जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप सिंह नेगी ने गायिका को कानूनी नोटिस भेजकर गाना हटाने, सार्वजनिक माफी और मुआवजे की मांग की है ।​

प्रियंका मेहर: उत्तराखंड की चहेती आवाज

प्रियंका मेहर का नाम उत्तराखंड के संगीत प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय है । उनकी मधुर आवाज और गढ़वाली गीतों ने युवाओं को दीवाना बना दिया है । पहाड़ की संस्कृति को अपने सुरों में पिरोने वाली यह गायिका अपने हर नए गाने के साथ सुर्खियां बटोरती रही हैं । लेकिन इस बार सुर्खियां सकारात्मक कारणों से नहीं, बल्कि एक विवादित पंक्ति के चलते मिली हैं ।​

विवाद की जड़: “उर्गम के कस्से में दगड़ियों संग फूल नशे में”

28 अक्टूबर 2025 को प्रियंका मेहर के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए गाने “स्वामी जी प्लीज” में एक पंक्ति है – “उर्गम के कस्से में दगड़ियों के साथ फुल नशे में” । इस लाइन को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है । उनका कहना है कि यह पंक्ति उर्गम गांव को नकारात्मक रूप में पेश करती है और नशे को बढ़ावा देती है । जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप सिंह नेगी ने अधिवक्ता सुरभि शाह के माध्यम से प्रियंका मेहर को औपचारिक कानूनी नोटिस भेजा है ।​

उर्गम घाटी: क्यों है यह स्थान इतना खास?

उर्गम घाटी चमोली जिले में स्थित एक धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान है । यह इलाका अपनी पवित्रता और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है । नोटिस में कहा गया है कि गाने की विवादित पंक्ति से न केवल स्थानीय आबादी की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि देवस्थल की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को भी क्षति पहुंची है । ग्रामीणों का आरोप है कि इस गाने से उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में उर्गम गांव की छवि धूमिल हुई है ।​

लीगल नोटिस में क्या हैं मांगें?

नोटिस में तीन मुख्य मांगें रखी गई हैं । पहली मांग यह है कि गाने को सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से तत्काल हटाया जाए । दूसरी मांग में उर्गम गांव और स्थानीय समुदाय से लिखित व वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही गई है । तीसरी मांग के अनुसार क्षेत्र की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए । नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन शर्तों का पालन नहीं होता, तो मानहानि सहित संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा ।​

निजता के उल्लंघन की चिंता

इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है । प्रियंका मेहर को भेजा गया लीगल नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उनका पता और मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक हो गया । प्रियंका के साथियों ने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है । उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का पता और संपर्क सूत्र सार्वजनिक करने का अधिकार किसी को नहीं है । इस तरह की हरकत से महिला कलाकारों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है ।​

सोशल मीडिया और मीडिया की जिम्मेदारी

इस विवाद में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है । कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने प्रियंका के व्यक्तिगत विवरण को सार्वजनिक करके संवेदनशीलता की कमी दिखाई है । विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में खासकर महिला कलाकारों के साथ मीडिया को जिम्मेदारी से पेश आना चाहिए । किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी को बिना उसकी अनुमति के सार्वजनिक करना गलत है।


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