

रुद्रपुर/देहरादून, 9 नवंबर 2025।
उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं रजत जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कचहरी स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के बलिदान और जनता के अटूट संघर्ष का परिणाम है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
इस अवसर पर श्री रावत ने कहा कि राज्य आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका हमेशा अग्रणी रही है, क्योंकि खटीमा, मसूरी और देहरादून में शहादत देने वाले कई आंदोलनकारी कांग्रेस के ही समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने शहीद आंदोलनकारियों के नाम लेकर उनके योगदान को भावपूर्ण शब्दों में याद किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री रावत ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से विधानसभा के आगामी विशेष सत्र की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस विधायक इस सत्र में राज्य निर्माण में पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका को प्रमुखता से उठाएं। इस पर यशपाल आर्य ने सहमति जताते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा राज्य की जनता की आकांक्षाओं और विकास के साथ खड़ी रही है।
हरीश रावत ने कहा,
“राज्य आंदोलनकारियों ने अपने जीवन का सब कुछ उत्तराखंड की अस्मिता के लिए समर्पित कर दिया। लोकतंत्र सेनानियों की तरह राज्य आंदोलनकारियों को भी समान पेंशन मिलनी चाहिए। यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन को लोकतंत्र सेनानियों के बराबर किया जाएगा। राज्य स्थापना दिवस, 26 जनवरी या 15 अगस्त—हर सरकारी समारोह में राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।”
रावत के इस बयान का स्वागत करते हुए उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि हरीश रावत का यह दृष्टिकोण न केवल राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर देगा।
मौके पर कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, आंदोलनकारी और समाजसेवी मौजूद रहे।
यह आयोजन राज्य निर्माण के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए जनसंघर्ष, बलिदान और एकता की भावना को फिर से जीवित करने का प्रतीक बना।




