देश में भले ही अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा हो, अभी एक भी सीट पर भले ही वोटिंग नहीं हुई हो, रिजल्ट आने में भले ही अभी दर्जनों दिन बचे हों, लेकिन मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है।

देश में भले ही अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा हो, अभी एक भी सीट पर भले ही वोटिंग नहीं हुई हो, रिजल्ट आने में भले ही अभी दर्जनों दिन बचे हों, लेकिन मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है।
देश में भले ही अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा हो, अभी एक भी सीट पर भले ही वोटिंग नहीं हुई हो, रिजल्ट आने में भले ही अभी दर्जनों दिन बचे हों, लेकिन मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है।

अधिकारी मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के काम पर जुट गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक टॉप सरकारी अधिकारी नए सरकार के लिए कार्ययोजना बनाने में जुटे हैं।
– बिना वोटिंग ही अरुणाचल प्रदेश में 10 विधानसभा सीट जीत गई बीजेपी, विपक्ष की ओर नहीं खड़ा हुआ कोई!

मोदी के तीसरे कार्यकाल में हो सकते हैं ये बड़े बदलाव

  1. रिपोर्ट्स की मानें तो अगर नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते हैं तो मंत्रालयों की संख्या कम हो सकती है। अभी के समय में मोदी सरकार में 54 मंत्रालय हैं। जिसकी संख्या अगले कार्यकाल में मोदी घटा सकते हैं।
  2. विदेशों में भारतीय मिशनों को 20% से 150 तक विस्तारित करना और बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को बढ़ावा देना पर काम होगा।
  3. इसके अतिरिक्त, प्रमुख परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को सुव्यवस्थित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
  4. टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट सचिव की अगुवाई वाली बैठकों में चर्चा के लिए तैयार एक प्रारंभिक पेपर का लक्ष्य 2030 तक पेंशन लाभ प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या को दोगुना कर 50% करना है।
  5. महिला कार्यबल की भागीदारी को 50% से अधिक तक बढ़ाना है। वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7% से बढ़ाकर 30% से अधिक करने का भी लक्ष्य है।
  6. 2030 तक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या 1 करोड़ से कम करने और निचली न्यायिक प्रणाली में मामलों को सुलझाने में लगने वाले समय को कम करने के प्रयास चल रहे हैं। इस योजना में न्यायपालिका में रिक्तियों को कम करना और कानूनी प्रणाली की दक्षता बढ़ाना शामिल है।
  7. सरकार रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद का 3% तक बढ़ाने और रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा अनुसंधान और विकास के लिए आवंटित करने पर विचार कर रही है।
  8. भारत के वैश्विक हथियार निर्यात हिस्सेदारी को बढ़ावा देने और हथियारों के आयात को कम करने का एक दृष्टिकोण है।
  9. इसके अलावा ऑटोमोबाइल, कपड़ा, फार्मा, पर्यटन और सेवा जैसे क्षेत्रों पर मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य सकल घरेलू उत्पाद में औद्योगिक क्षेत्र के योगदान को बढ़ाना और व्यापार स्टार्टअप प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
  10. प्रस्तावों में कैदियों के बीच विचाराधीन कैदियों की संख्या कम करना और जेल सिस्टम में सुधार करना शामिल है।
  11. उत्तराखंड को स्विट्जरलैंड की तर्ज पर आध्यात्मिक रूप से विकसित करना। पर्यटन से जोड़ना।
देश में भले ही अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा हो, अभी एक भी सीट पर भले ही वोटिंग नहीं हुई हो, रिजल्ट आने में भले ही अभी दर्जनों दिन बचे हों, लेकिन मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है।
संपादक ,अवतार सिंह बिष्ट, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया: शैल ग्लोबल टाइम्स।
Advertisement