उसने संबंधित सभी केंद्रों पर पेपर देने वाले कैंडिडेट्स के परिणाम का आकलन किया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके कि कदाचार के कारण कोई प्रभाव पड़ा है या नहीं।

एनटीए के हलफनामे में कहा गया है कि एनटीए द्वारा किए गए प्रदर्शन के डेटा से साफ संकेत मिलता है कि कथित कदाचार ने पूरी परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित नहीं किया है। गोधरा और पटना केंद्रों में उपस्थित होने वाले छात्रों को इससे कोई अनुचित लाभ नहीं हुआ है।
अपने हलफनामे में एनटीए ने पेपर लीक का जवाब दिया है। एनटीए ने कहा है कि सभी राज्यों में पेपर लीक नहीं हुआ है। इसलिए सभी जगह की परीक्षा रद्द नहीं की जानी चाहिए। परीक्षा की गरिमा प्रभावित नहीं हुई है। यह व्यापक नहीं है। बता दें कि शाम 7 बजे मामले में सीबीआई और केंद्र सरकार भी हलफनामा दाखिल करने वाली है। इसके अलावा एनटीए भी कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करेगी।
एनटीए ने कहा है, सिस्टमैटिक फेलियर नहीं हुआ है। गोधरा में ओएमआर शीट का मसला नहीं है। कोर्ट ने कुछ दिनों पहले सुनवाई के दौरान सरकार और एनटीए से पेपर लीक के लाभार्थियों की संख्या जाननी चाही थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह भी बताया जाए कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। बता दें कि मामले में कल यानी 11 जुलाई को फिर सुनवाई होने वाली है।

