हालांकि, दून पुलिस इस बात से अब तक मुकर रही है कि मित्तल देहरादून आया था, लेकिन आइजी गढ़वाल को ऐसा पता चला है कि मित्तल नेपाल के रास्ते उत्तराखंड में घुसा और दून पहुंचा था। उसकी बेटी यहां एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती है, जबकि उसकी साली सहस्रधारा रोड पर आलीशान बंगले में रहती है। चर्चा है कि मित्तल यहां अपनी बेटी से भी मिला और साली के बंगला में ठहरा था। यह बंगला मित्तल ने ही संपत्ति अटैच होने के डर से साली को बेचा था।

64 शिकायतें
करोड़ों के इस घाेटाले में पुलिस ही नहीं बल्कि ईडी से लेकर रेरा भी खाली हाथ है। खरीदारों की 64 शिकायतें रेरा में सिर्फ तारीख दर तारीख की भेंट चढ़ गईं। दून पुलिस की लापरवाह कार्य-प्रणाली पर नाराजगी जताकर अब आइजी राजीव स्वरूप ने दीपक मित्तल के प्रोजेक्ट से लेकर निवेशकों से ठगी करने, उसके विदेश फरार होने और गैंगस्टर लगने से पहले पूरी संपत्ति बेचे जाने के मामले की रिपोर्ट तलब कर दी है। मामले की गहनता से जांच में कुछ उच्चाधिकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद भी है।
लोगों के साथ ठगी
पुष्पांजलि इंफ्राटेक की परियोजनाओं में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों की रकम लेकर फरार बिल्डर दीपक मित्तल पूरे सिस्टम के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस की ओर से पुष्पांजलि के निदेशक दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल के विरुद्ध नौ मुकदमे फ्लैट बुक कराने वालों की शिकायत पर दर्ज किए जा चुके हैं। बिल्डर दंपती की फरारी पर गैंगस्टर एक्ट तक लगाया गया और अदालत ने गैर-जमानती वारंट भी जारी किए हुए हैं। बिल्डर दंपती पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है और ईडी ने विरुद्ध खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया हुआ है।
दीपक मित्तल की फरारी को लेकर पुलिस पर उठते रहे सवाल
करीब डेढ़ साल पहले दीपक मित्तल ने उच्च न्यायालय नैनीताल में पेश होकर याचिका दायर की थी। उस दौरान आरोपित के अधिवक्ता ने न सिर्फ फरार होने की बात को खारिज किया, बल्कि यह भी कह डाला कि पुलिस के जांच अधिकारी ने याचिकाकर्ता के आवास पर मित्तल से मुलाकात की।
इस दौरान जांच अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठे और जांच भी हुई। दूसरी ओर करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार हुए दीपक मित्तल पर गैंगस्टर तब लगाई गई जब वह पूरी संपत्ति बेच चुका था। ऐसे में सवाल यह है कि समय रहते क्यों नहीं उस पर गैंगस्टर लगाई गई, ताकि उसकी करोड़ों की संपत्ति अटैच की जा सकती।
पुष्पांजलि इंफ्राटेक परियोजना के अहम बिंदु
- पुष्पांजलि की आर्किड पार्क (फेज एक व दो) समेत एमिनेंट हाइट्स परियोजना के 90 के करीब फ्लैट खरीदार कब्जे के लिए चार-पांच साल से भटक रहे हैं।
- बिल्डर दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल वर्ष 2020 से ही फरार हैं।
- परियोजनाओं का निर्माण वर्ष 2018 से ही बंद है और खरीदारों के करीब 45 करोड़ रुपये फंस गए हैं।
- फ्लैट खरीदारों की ओर से रेरा में 64 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं, जबकि पुलिस में नौ मुकदमे पंजीकृत हैं।
- परियोजना के निर्माण के लिए पीएनबी की इंदिरा नगर शाखा से लिया गया 21 करोड़ रुपये का ऋण एनपीए घोषित हो चुका है, हालांकि, खरीदारों के हित को देखते हुए सरफेसी एक्ट के तहत नीलामी पर रेरा की रोक है।
- प्रकरण में मनी लांड्रिंग को देखते हुए ईडी मार्च 2022 में परियोजना व निदेशकों के फ्लैट अटैच कर चुका है।
- रेरा ने फ्लैट खरीदारों की मांग पर अन्य बिल्डर से परियोजना पूर्ण कराने के विकल्प पर विचार किया, लेकिन प्रकरण की पेचीदगी को देखते हुए बात आगे नहीं बढ़ पा रही।
- फ्लैट खरीदारों की परेशानी को देखते हुए अब रेरा ने अन्य बिल्डर से अधूरी परियोजना को पूरा कराने की दिशा में कुछ कदम बढ़ाए हैं।
निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए दीपक मित्तल व उसकी पत्नी की पूरी रिपोर्ट तलब कर दी गई है। जांच में सामने आएगा कि क्यों नहीं समय पर रहते उस पर कार्रवाई की गई। प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाएगी। पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही सच्चाई का पता लग सकेगा। – राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र

