कल्याणी नदी को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवित करने की तैयारी तेज, 5 जुलाई तक हटेंगे 1028 अतिक्रमण!जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, एसटीपी के निर्माण व नालों के टैपिंग की कार्ययोजना पर जोर
रुद्रपुर, 11 जून 2025।जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली कल्याणी नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कल्याणी नदी को उसकी पूर्व स्वच्छ और धाराप्रवाह स्थिति में लाने हेतु अतिक्रमण हटाने व जल शोधन व्यवस्था को लेकर ठोस कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
1028 अतिक्रमण चिन्हित, 5 जुलाई तक हटाने के निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि कल्याणी नदी पर 1028 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 550 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है, जबकि शेष 478 को 18 जून तक नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 5 जुलाई तक सभी अतिक्रमणकारियों को स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटाने होंगे, अन्यथा प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
नदी की स्थिति नाले जैसी, बारिश में आता है जलभराव
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बैठक में बताया कि कल्याणी नदी में अतिक्रमण और अनियंत्रित नालों के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे उसका स्वरूप नाले जैसा हो गया है। वर्षा ऋतु में जल निकासी अवरुद्ध होने से कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए नदी को अतिक्रमण मुक्त कर उसका मूल स्वरूप बहाल करना अनिवार्य है।
नालों को टैप कर एसटीपी तक ले जाने की योजना
नदी में गिरने वाले गंदे नालों को टैप कर ट्रीटमेंट हेतु एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक ले जाने की योजना बनाई गई है। अटरिया पुल से दक्षिण दिशा में 5 किमी क्षेत्र तक अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जहां पर यह एसटीपी प्रस्तावित है। एसटीपी निर्माण के लिए नगर निगम से पेयजल निगम को NOC प्राप्त हो चुकी है और भूमि चिह्नित कर ली गई है, जो नजूल भूमि है।
संयुक्त प्रयासों से होगा कार्यान्वयन
प्रस्तावित योजना के तहत कल्याणी नदी के दोनों किनारों से गुजरने वाले नालों पर पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे गंदा पानी सीधे एसटीपी तक पहुंचेगा और नदी में शुद्ध जल प्रवाहित हो सकेगा। इससे न केवल नदी को स्वच्छ रूप मिलेगा, बल्कि स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र में भी सुधार होगा।
बैठक में कई विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ओसी गौरव पाण्डेय, उप नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता (पेयजल निगम) सुनील जोशी, सिंचाई विभाग के बीएस डांगी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एसपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अगुवाई में कल्याणी नदी के कायाकल्प की यह पहल न केवल पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि रुद्रपुर शहर के जल प्रबंधन और शहरी विकास में भी एक नया अध्याय जोड़ने वाली साबित हो सकती है। प्रशासन की इच्छाशक्ति और नागरिकों के सहयोग से यह प्रयास एक मॉडल योजना के रूप में उभर सकता है।
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