देहरादून में स्वाद का नया केंद्र बना “SWAD” – ग्राफिक एरा के छात्रों की पहली पसंद द्वारा स्मार्ट सिटी में SWAD रेस्टोरेंट की हकीकत: स्वाद से ज्यादा लाल मिर्च की मार अवतार सिंह बिष्ट, विशेष संपादकीय, हिन्दुस्तान ग्लोबल टाइम्स, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

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स्मार्ट सिटी में SWAD रेस्टोरेंट की हकीकत: स्वाद से ज्यादा लाल मिर्च की मार

देहरादून: जहां एक ओर स्मार्ट सिटी की चमक बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर SWAD रेस्टोरेंट (ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के पास, बेल रोड, देहरादून, उत्तराखंड) ने छात्रों और शहर के फूडीज के बीच तेजी से अपनी पहचान बनाई। टिफिन सेवा और किफायती दरों ने इसे युवाओं के लिए भोजन का ठिकाना बना दिया।

लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। खुले हुए महज़ दो महीने हुए हैं, और शिकायतें सामने आने लगी हैं। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के कई छात्र, जो यहां मासिक आधार पर खाना खाते हैं, बताते हैं कि खाने की क्वालिटी लगातार गिर रही है। सबसे बड़ी शिकायत — भोजन में लाल मिर्च पाउडर की अत्यधिक मात्रा

छात्रों का कहना है कि तीखेपन की वजह से कई बार उनका पेट खराब हो जाता है। उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। सवाल उठता है कि क्या युवाओं का भरोसा जितनी तेजी से बना, उतनी ही जल्दी टूट भी रहा है?

स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी

फूड सेफ्टी विभाग को चाहिए कि विश्वविद्यालय और आसपास के होटलों-रेस्टोरेंट्स में समय-समय पर जांच की जाए। छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी मुद्दे पर खबर प्रकाशित हुई थी, लेकिन स्थिति में सुधार के बजाय शिकायतें और बढ़ गई हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका अहम हो जाती है कि SWAD रेस्टोरेंट और अन्य फूड आउटलेट्स की सख्ती से जांच की जाए

होटल की ओपनिंग में हमने यह खबर चलाई थी जो इस प्रकार से है आज खाने के मानक पूरी तरह बदल गए।

✍️ संपादकीय लेख ;सच की खोज : देहरादून जिला प्रशासन की अनदेखी और बच्चों की सेहत पर मंडराता खतरा,देहरादून आज सिर्फ उत्तराखंड की राजधानी नहीं, बल्कि पूरे देश और विदेश से आए बच्चों की शिक्षा का केंद्र बन चुका है। आईएएस-आईपीएस की तैयारी करने वाले छात्र हों, मेडिकल-इंजीनियरिंग के सपने सँजोए युवा हों या फिर विदेशी छात्र, सब यहां की शिक्षा व्यवस्था और माहौल को देखकर अपनी जिंदगी का भविष्य गढ़ने आते हैं। मगर इन सपनों को पंख देने वाली इस धरती पर एक कड़वा सच भी है—यहां के अधिकांश होटल, पीजी और ढाबों में खाने-पीने की गुणवत्ता की स्थिति बेहद खराब है।

घटिया और मिलावटी खाना – छात्रों की मजबूरी

सच्चाई यह है कि ज्यादातर पीजी और होटल शुरू के 5-7 दिन तो खाने की क्वालिटी बनाए रखते हैं, ताकि अभिभावकों और छात्रों को भरोसा हो जाए। लेकिन महीने का एडवांस मिलते ही क्वालिटी गिरा दी जाती है। बाजार से सड़ी-गली सब्जियाँ, पानी जैसी दाल, तीसरे दर्जे का तेल और पाइन ऑयल से बनी टिक्कियाँ—यहां की थाली का “कॉमन मेन्यू” बन चुका है। नतीजा, छात्र पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय पेट की बीमारी, गैस्ट्रिक ट्रबल और फूड पॉयजनिंग जैसी दिक्कतों से जूझते रहते हैं।

प्रशासन की चुप्पी क्यों?

यहां बड़ा सवाल यह है कि देहरादून जिला प्रशासन और फूड सेफ्टी विभाग आखिर चुप क्यों हैं?

  • Chief Food Safety Officer और Food Safety Officers का काम है कि समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट और पीजी किचन का निरीक्षण करें।
  • District Magistrate को देखना चाहिए कि कोई भी संस्थान छात्रों की सेहत से खिलवाड़ न कर पाए।
  • Consumer Protection Department को भी ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

मगर अफसोस, यह विभाग फाइलों और कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। जांच के नाम पर खानापूर्ति होती है, और होटल-पीजी संचालक अपने धंधे को आराम से चला रहे हैं।

शिक्षा का हब, पर खाने में जहर

देहरादून का नाम आज शिक्षा की राजधानी के रूप में लिया जाता है, लेकिन अगर यही हाल रहा तो आने वाले वर्षों में यहां की पहचान “मिलावटी खाने की राजधानी” के रूप में हो सकती है। जब देश-विदेश से आने वाले छात्र यहां पर बीमार पड़ेंगे, तो क्या यह हमारी छवि को धूमिल नहीं करेगा? क्या यह सीधे-सीधे छात्रों के भविष्य और उनके अभिभावकों की उम्मीदों से खिलवाड़ नहीं है?

क्या होना चाहिए

  1. फूड इंस्पेक्शन ड्राइव – जिला प्रशासन को हर महीने रेस्टोरेंट और पीजी में अचानक छापे मारने चाहिए।
  2. सख्त सजा और जुर्माना – घटिया और मिलावटी खाना परोसने वालों पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाए बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द हों।
  3. स्टूडेंट हेल्पलाइन – छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन शुरू हो, जहाँ वे खाने की शिकायत दर्ज करा सकें।
  4. पब्लिक रिपोर्टिंग सिस्टम – फूड सेफ्टी विभाग हर महीने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

देहरादून में पढ़ने आना हजारों छात्रों के लिए सपनों का सफर होता है। लेकिन यह सफर तभी सार्थक है जब उनके शरीर को ऊर्जा और स्वास्थ्य देने वाला खाना शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण हो। प्रशासन का यह दायित्व है कि वह सिर्फ स्मार्ट सिटी के बोर्ड न लगाए, बल्कि “स्मार्ट हेल्दी सिटी” की अवधारणा को जमीन पर उतारे।

आज यह सवाल हर माता-पिता और छात्र का है:

👉 क्यों नहीं देहरादून प्रशासन इन रेस्टोरेंट और पीजी किचनों की जांच करता?

👉 क्यों बच्चों का भविष्य और स्वास्थ्य मिलावटी खाने की भेंट चढ़ाया जा रहा है?

सच की खोज जारी रहेगी, अगली खबर में हम इस अनदेखी की तह तक जाएंगे।



देहरादून—जहां एक ओर स्मार्ट सिटी की चमक बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर स्वाद नाम का एक नया सितारा तेजी से उभरकर देहरादून की फूड डायरी में सबसे ऊपर छा गया है। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के ठीक पास स्थित यह रेस्टोरेंट आजकल न सिर्फ छात्रों के लिए बल्कि पूरे शहर के फूडीज के लिए एक खास आकर्षण बन गया है। यहां की टिफिन सेवा, जायकेदार व्यंजन और किफायती दरों ने इसे छात्रों के लिए भोजन का भरोसेमंद ठिकाना और फूड लवर्स के लिए एक शानदार डेस्टिनेशन बना दिया है।


हर दिन कुछ नया, हर थाली में घर जैसा स्वाद?SWAD की सबसे बड़ी खासियत है – इसकी साप्ताहिक टिफिन सेवा, जो नाश्ते से लेकर रात के खाने तक हर दिन कुछ नया और पौष्टिक परोसती है।

सोमवार को आलू पराठा-चटनी, दिन में अरहर दाल, मिक्स वेज, चावल, रोटी, और रात में मटर-मशरूम व काली मसूर की दाल

मंगलवार को शाकाहारी कोफ्ता, दाल तड़का और पनीर बटर मसाला के साथ चिकन होम स्टाइल जैसे विकल्प आपको उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देते हैं।

रविवार की शाम तो जैसे फूड फेस्टिवल बन जाती है — चिकन, पनीर दो प्याज़ा, और फ्राइड राइस जैसे ज़बरदस्त ऑप्शन पूरे हफ्ते के तनाव को स्वाद में बदल देते हैं।


शाकाहारी और मांसाहारी दोनों के लिए जन्नत?यहां के मेनू में एक ओर जहां शाही पनीर, मलाई कोफ्ता, पनीर लबाबदार, लहसुन मशरूम जैसे शाकाहारी पकवान हैं, वहीं मांसाहारी प्रेमियों के लिए बटर चिकन, चिकन कोरमा, चिकन तंदूरी, अफगानी टिक्का जैसे लाजवाब विकल्प भी हैं — और वो भी बेहद सस्ती कीमतों में।


स्ट्रीट फूड से लेकर साउथ इंडियन तक, हर जायके की झलक?SWAD केवल पारंपरिक भोजन नहीं परोसता — यहां आपको मिलेगा डोसा, इडली, सांभर, मसाला मैगी, फ्रेंच फ्राइज, स्प्रिंग रोल, मोमो, मंचूरियन और शेक्स की भरमार

यानी अगर आप एक शाम दोस्तों के साथ कुछ हल्का-फुल्का और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो SWAD आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।


ग्राफिक एरा से बस कुछ कदमों की दूरी

इस रेस्टोरेंट की लोकेशन ही इसे छात्रों के बीच सबसे खास बनाती है। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के ठीक पास होने के कारण छात्र बिना समय गंवाए यहां पहुंच सकते हैं और स्वच्छ, स्वादिष्ट और सस्ता खाना पा सकते हैं।

यहां का फोन नंबर 📞 8755695568 है – बस एक कॉल पर आपका टिफिन तैयार। डेली, वीकली या मंथली सब्सक्रिप्शन उपलब्ध हैं, जिनकी शुरुआती कीमत मात्र ₹4500/- प्रति माह है – तीन टाइम खाने के लिए।


छात्रों का फेवरेट, शहर का ट्रेंडिंग स्पॉट?पिछले कुछ हफ्तों में ग्राफिक एरा के हॉस्टलों और पीजी से भारी संख्या में छात्र-छात्राएं SWAD का रुख कर रहे हैं। इसकी सोशल मीडिया रील्स, फूड रिव्यू और यूट्यूब व्लॉग्स में लगातार तारीफ हो रही है। खास बात यह है कि यहां का खाना केवल स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि साफ-सुथरे माहौल में परोसा जाता है – जो आज के दौर में बड़ी बात है।


हमारी राय?देहरादून जैसे छात्र-प्रधान शहर में SWAD जैसा रेस्टोरेंट एक सकारात्मक संकेत है — जो न केवल खानपान के क्षेत्र में नवाचार ला रहा है, बल्कि छात्रों की सेहत, बजट और सुविधा का भी पूरा ख्याल रखता है।

स्वाद का सार – कारीगरी में अनुभव, सेवा में समर्पण ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून स्थित स्वाद रेस्टोरेंट केवल भोजनालय नहीं, बल्कि एक अनूठा स्वाद अनुभव है जहाँ हर निवाला वर्षों की अनुभवी कारीगरी की कहानी कहता है। यहां के मुख्य कारीगर गोवा, मुंबई, गुजरात और देहरादून जैसे प्रतिष्ठित स्थलों के फाइव स्टार होटलों में सेवाएं दे चुके हैं। विशेष रूप से देहरादून के प्रसिद्ध मधुबन होटल सहित कुल 34 वर्षों का अनुभव रखने वाले शेफ यहां अपनी बेमिसाल पाक कला से हर व्यंजन में चार चाँद लगा देते हैं।

यहां हर थाली केवल स्वाद नहीं, संवेदनशीलता और सेवा का प्रतीक होती है। भोजन इस तरह तैयार किया जाता है कि वह न केवल पेट बल्कि आत्मा को भी तृप्त करे — हर मानव की जरूरत, स्वाद, और सेहत का पूरा ध्यान रखते हुए।

स्वाद रेस्टोरेंट को कुशलता से संचालित कर रही हैं महक, जिनकी निगरानी और भावनात्मक जुड़ाव ने इसे एक विश्वसनीय पारिवारिक ठिकाना बना दिया है। स्वाद में सिर्फ खाना नहीं, एक अनुभवी दिल और समर्पित आत्मा की गर्मजोशी परोसी जाती है।

हमारी सिफारिश:?अगर आप ग्राफिक एरा के छात्र हैं या देहरादून में पढ़ते/रहते हैं — तो SWAD पर जरूर जाएं। स्वाद, सेहत और सेवा – तीनों में यह रेस्टोरेंट 5 में से 5 स्टार पाने का हकदार है।

पता पूछने या टिफिन सेवा बुक करने के लिए कॉल करें:

📞 8755695568


खाना दिल से बनता है, और SWAD उसे दिल तक पहुंचाता है!

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