बिलासपुर (रामपुर)।नगर के डॉम कॉलोनी स्थित अथर्व डे केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मानसिक अक्षमता के विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि “शिक्षकों का स्थान समाज में सर्वोच्च है। शिक्षक ही बच्चों के भविष्य और राष्ट्र के वास्तविक निर्माता होते हैं। उनके बिना देश और समाज की प्रगति की कल्पना संभव नहीं है।”

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
डॉ. पाण्डेय ने दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में गुरु-शिष्य परंपरा को फिर से स्थापित करना होगा, ताकि बच्चे बेहतर और सफल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “इनकी जिम्मेदारी और भी बड़ी है। इन्हीं की मेहनत से दिव्यांग बच्चे समाज के उपयोगी और जिम्मेदार नागरिक बन पाते हैं।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने स्पेशल स्कूल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां दिव्यांग बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है, जिसका श्रेय यहां कार्यरत समर्पित शिक्षकों को जाता है। इस अवसर पर सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले रामपुर के मूकबधिर छात्र दानियाल अली खां को इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मेडल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सेंटर की संचालिका प्रियंका चौबे ने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर हमें दिव्यांग बच्चों के संपूर्ण पुनर्वास का संकल्प लेना चाहिए। “जब हम शिक्षक विशिष्ट कार्य करेंगे, तभी समाज में हमें विशिष्ट स्थान मिलेगा।”
इस मौके पर विशेष शिक्षक कुमकुम, मनप्रीत कौर और सुशील कुमार पाण्डेय को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनुप्रित कौर, सुखराज सिंह, कवनदीप सिंह, अविजोत सिंह, स्नेहदीप और मनराज सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

