पेंशनर्स की अनदेखी भारी पड़ेगी, सरकार जल्द निर्णय ले: एस.के. नैय्यरउत्तराखंड गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में सात प्रमुख प्रस्ताव पारित

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रुद्रपुर, उत्तराखंड गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, जनपद ऊधम सिंह नगर की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को प्रातः 11:00 बजे नगर निगम सभागार, रुद्रपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बी.एल. साह ने की, जबकि संचालन महासचिव एस.के. नैय्यर द्वारा किया गया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


बैठक में जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज एवं खटीमा सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए पेंशनर्स ने भाग लिया और अपनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
महासचिव एस.के. नैय्यर ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में सीनियर सिटीजन की संख्या कुल जनसंख्या का लगभग 11 प्रतिशत है, जो लगभग 13 लाख के आसपास है। इसके बावजूद सरकार पेंशनर्स की न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही ठोस निर्णय नहीं लिए गए तो पेंशनर्स आगामी चुनावों में अपनी ताकत का एहसास कराने को बाध्य होंगे।
उन्होंने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या लगभग 1,98,000 है, जिसमें केवल रुद्रपुर नगर में ही लगभग 7000 से अधिक सरकारी पेंशनर्स हैं। यदि एक परिवार में औसतन चार सदस्यों का अनुमान लगाया जाए तो यह संख्या 28,000 से अधिक हो जाती है, जो किसी भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।
बैठक में निम्नलिखित सात प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर उत्तराखंड शासन को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया—
राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में ओपीडी तथा भर्ती की स्थिति में पेंशनर्स को कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
18 माह के फ्रीज महंगाई भत्ते (DA) का एरियर भुगतान शीघ्र किया जाए।
पेंशन वृद्धि की आयु-आधारित व्यवस्था लागू की जाए—65 वर्ष पर 5%, 70 वर्ष पर 10%, 75 वर्ष पर 15% तथा 80 वर्ष पर 20% की वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
राशिकरण (Commutation) की कटौती अवधि अन्य राज्यों की भांति 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह की जाए और इस संबंध में शासनादेश जारी किया जाए।
जनपद में राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड धारकों को समुचित उपचार मिल रहा है या नहीं, इसकी निगरानी हेतु जिलाधिकारी अथवा मुख्य चिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सके।
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (SGHS) के अंतर्गत समस्त पेंशनर्स के लिए आहरण-वितरण अधिकारी के रूप में वरिष्ठ कोषाधिकारी/मुख्य कोषाधिकारी/कोषाधिकारी की नियुक्ति की जाए।
उत्तर प्रदेश की भांति 30 जून एवं 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ देने हेतु निर्गत शासनादेश में संशोधन किया जाए।
बैठक में बी.एल. साह, सी.एस. रावत, पूरन चंद्र जोशी, पनवेश गुप्ता, लीलांबर जोशी, चंद्र सिंह रावत, जमुना प्रसाद, भूपाल सिंह, पी.डी. जोशी, पवन कुमार, मोहन सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह रावत, नवीन चंद्र पांडे, त्रिवेणी सहाय गंगवार, प्रभाकर तिवारी, सुरेंद्र सिंह, बी.एस. चौहान, राम प्रसाद, राजकुमार त्यागी, विधा शर्मा, नेक चंद, मोहन लाल, कृष्ण बीर सिंह, विजय पाल सिंह, आर.के. पवार, डी.एस. राठौर, वी.के. जोशी, डी.बी. सिंह, डॉ. आर.सी. जैन, डी.के. आर्या, श्रीमती कलावती, जानकी पंत, आशा के. सिंह सहित अनेक पेंशनर्स उपस्थित रहे।
बैठक का समापन सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा के साथ किया गया।
— एस.के. नैय्यर
महासचिव


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