

वह और लंबी जंग लड़ने के लिए तैयार है. वहीं, अमेरिका का कहना है कि आज रात ईरान पर और जबरदस्त हमले होंगे. ईरान जंग के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया था. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद से जंग खतरनाक हो गई है. जंग सिर्फ ईरान या इजरायल तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडिल ईस्ट तक फैल गई है. लेकिन इसका असर दुनियाभर में पड़ रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी. हालांकि, मंगलवार को इसमें गिरावट आई और यह 90 डॉलर तक पहुंच गई. फिर भी 28 फरवरी से जंग शुरू होने के बाद से ये 24% ज्यादा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि युद्ध लगभग खत्म हो गया है. हालांकि, कुछ देर बाद ही उन्होंने यह भी कहा था कि जंग जीत गए हैं लेकिन अभी भी बहुत कुछ जीतना बाकी है. वहीं, इजरायल का कहना है कि उसके ईरान पर हमले जारी रहेंगे.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप-ईरान में ठनी
ईरान ने ऑयल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने से रोक दिया है. दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से जाता है. होर्मुज स्ट्रेट के पास ऑइल टैंकरों पर ईरान हमले भी कर रहा है. इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के पास मर्चेंट शिप पर हुए हमलों में कम से कम 7 नाविक मारे गए हैं.
इसे लेकर ट्रंप और ईरान में ठन गई है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने धमकाते हुए लिखा, ‘अगर ईरान ऐसा कुछ करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल का फ्लो रुक जाता है तो अमेरिका ने हमलों में अब तक जितना नुकसान पहुंचाया है, उससे 20 गुना ज्यादा नुकसान होगा.’
वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी धमकी देते हुए कहा कि यहां से एक लीटर तेल भी नहीं ले जाने देंगे. IRGC ने कहा कि ‘ईरान अगले नोटिस तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके पार्टनर्स को एक लीटर भी तेल एक्सपोर्ट नहीं करने देगा.’
इस बीच सऊदी अरब की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने कहा कि ‘होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पूरे इलाके से तेल की सप्लाई को रोक रही है.’ उन्होंने कहा कि सप्लाई कम होने से तेल की कीमत और भी बढ़ सकती है, जिसका मतलब है गैसोलीन और जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर इसमें लंबा समय लगता है तो इसका ग्लोबल इकनॉमी पर गंभीर असर पड़ेगा.
जंग के 11वें दिन कहां-कहां हुए हमले?
मंगलवार को ईरान ने इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर नए हमले किए, ताकि अमेरिका और इजरायल पर दबाव बना रहे.
दुबई के फ्यूचरिस्टिक बिजनेस हब में आने वाली मिसाइलों की चेतावनी सायरन से दी गई और बहरीन में अधिकारियों ने कहा कि ईरानी हमले ने राजधानी में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिसमें एक 29 साल की महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए.
सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपनी ऑयल फील्ड में दो ड्रोन नष्ट किए हैं. वहीं, कुवैत का कहना है कि उसने 6 ईरानी ड्रोन मार गिराए. इजरायल में येरुशलम और तेल अवीव में धमाकों की आवाजें सुनी गईं.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने X पर पोस्ट किया, ‘हम सीजफायर नहीं चाहते. हमारा मानना है कि हमलावर को मुंह पर घूंसा मारना चाहिए, ताकि उसे सबक मिले और वह हमारे ईरान पर दोबारा हमला करने के बारे में कभी न सोचे.’
ईरान के एक और बड़ी सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने तो सीधे-सीधे ट्रंप को धमकी दे डाली. उन्होंने X पर लिखा ‘ईरान आपकी खोखली धमकियों से नहीं डरता. आपसे बड़े लोग भी ईरान को खत्म नहीं कर सके. ध्यार रखिए, कहीं आप खुद खत्म न हो जाएं.’
वहीं, इजरायल की ओर से भी लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में दिनभर में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के लोगों से अपने घर खाली करने की अपील की है और कहा कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ जबरदस्त ऑपरेशन करने जा रहा है.
अधिकारियों के मुताबिक, जब से लड़ाई शुरू हुई है, तब से ईरान में 13सौ से ज्यादा लोग मारे चुके हैं. लेबनान में लगभग 400 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं इजरायल में 11 लोग मारे गए हैं. इस जंग में अमेरिका के 7 सैनिक भी मारे गए हैं.
जंग में अब पुतिन की भी हुई एंट्री
ईरान में चल रही इस जंग में अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी एंट्री हो गई है. सोमवार देर रात ट्रंप ने पुतिन को फोन किया.
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों नेताओं में तकरीबन एक घंटे तक बात हुई. दोनों के बीच रूस-यूक्रेन के साथ-साथ ईरान-इजरायल जंग पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान में चल रही जंग पर भी अपनी राय रखी और ट्रंप को खाड़ी देशों के नेताओं और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ पिछले हफ्ते हुई बातचीत के बारे में बताया.
बाद में पुतिन ने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट आने का खतरा है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस उन देशों को तेल और गैस देता रहेगा, जिन्हें वह भरोसेमंद पार्टनर मानता है.
ट्रंप से बात करने के बाद मंगलवार को पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की. पुतिन ने तनाव को जल्द से जल्द कम करने और राजनीतिक तरीकों से इसे सुलझाने की बात कही.
अमेरिका ने कहा- अब और जबरदस्त हमले होंगे
अमेरिका के वॉर सेक्रेटरी (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार ईरान के अंदर अमेरिकी हमलों का अब तक का सबसे जोरदार दिन होगा. उन्होंने कहा, ‘ईरानी सरकार परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन प्रेसिडेंट ट्रंप ऐसा नहीं होने देंगे.’
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। आइआरजीसी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, यह तेहरान तय करेगा।
ट्रंप की चेतानवी
ट्रंप ने चेताया कि होर्मुज के रास्ते गुजरनेवाले तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई तो अमेरिका 20 गुना ताकत से ईरान पर हमले करेगा।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान युद्ध हार रहा है। अगले कुछ घंटों में अब तक के सबसे भयानक हमले होंगे। उन्होंने रूस को भी पश्चिम एशिया में हस्तक्षेप करने से परहेज करने की चेतावनी दी।
ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने ट्रंप को चेताया कि सतर्क रहें, हमें खत्म करने के चक्कर में कहीं आप ही न खत्म हो जाएं। हम अमेरिका की खोखली धमकियों से डरनेवाले नहीं हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा क्योंकि पूर्व में हुई ऐसी पहलों के नतीजे बेहद कड़वे रहे हैं। अमेरिका ने पहले भी दो बार बातचीत बीच में तोड़कर हमले किए हैं।
रॉयटर के अनुसार, इजरायल के यरूशलम और तेल अवीव में मंगलवार को सायरन बजने के बाद कई धमाके सुनाई दिए, जब इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी मिसाइलों को रोकने की कोशिश की। वहीं खाड़ी क्षेत्र में भी ईरान के हमलों से तनाव और बढ़ गया।
बहरीन की राजधानी मनामा में एक आवासीय इमारत पर हुए ईरानी हमले में 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। सऊदी अरब ने अपने तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र के ऊपर दो ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया, जबकि कुवैत की नेशनल गार्ड ने छह ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी।
यूएई के रुवैस औद्योगिक क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले के बाद एक तेल डिपो में आग लग गई। इसके बाद यहां की दो रिफाइनरियों को बंद कर दिया गया।
ईरान पर अब तक 5000 से ज्यादा हमले न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि युद्ध के पहले दस दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 5000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। वहीं ड्रोन हमले भी 83 प्रतिशत तक घट गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने अब तक ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों और नौकाओं को नष्ट किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है। हमले में अब तक 150 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिसमें से 108 ड्यूटी पर लौट आए हैं। वहीं, सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
इजरायल ने तेहरान पर फिर किए हमलेएपी के अनुसार, इजरायली सेना ने भी ईरान की राजधानी तेहरान में कई सैन्य और अनुसंधान ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शहर के कई इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए। डेनमार्क, नीदरलैंड्स समेत तमाम देशों ने तेहरान से दूतावास को अजरबैजान स्थानांतरित कर दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इजरायल का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह तोड़ना है।
इराक और कतर भी संघर्ष की चपेट मेंइस संघर्ष का असर क्षेत्र के अन्य देशों पर भी पड़ने लगा है। कतर ने अपने क्षेत्र में दागी गई एक ईरानी मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है।उधर, इराक के किर्कुक शहर में ईरान समर्थित पापुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के ठिकाने पर हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लड़ाकों की मौत हो गई और चार घायल हो गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया। लेबनान में इजरायल के नए हमलों में ईरान के चार राजनयिक मारे गए।
ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगा युद्ध, ईरान का जवाब- ये हम तय करेंगे पश्चिम एशिया में अमेरिका
इजरायल की ईरान पर जारी बमबारी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है।
ट्रंप ने कहा कि संघर्ष काफी हद तक पूरा हो चुका है और इसे पहले तय चार सप्ताह की समयसीमा से पहले खत्म किया जा सकता है। उनके बयान के बाद वैश्विक बाजारों में कुछ राहत दिखी और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी आंशिक रूप से कम हो गई।हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्ध कब समाप्त होगा, इसका फैसला वही करेगा।
इस बीच ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की, जिसके बाद पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से संपर्क कर तनाव कम करने और राजनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी कहा कि उनका देश अंतहीन युद्ध नहीं चाहता और संघर्ष रोकने के समय पर वाशिंगटन से परामर्श किया जा रहा है।
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में उनके लिए शांति से रह पाना मुश्किल होगा। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती हमलों में अमेरिका ने ईरान की करीब 50 प्रतिशत मिसाइल क्षमता नष्ट कर दी, जिससे संभावित बड़े हमले को टाला जा सका।
उधर, रूस ने संकट के समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है। क्रेमलिन के अनुसार पुतिन ने पेजेशकियान से बातचीत में संघर्ष को जल्द कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया, जबकि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से इसी मुद्दे पर चर्चा की।
जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की बातचीत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत है। जयशंकर ने क्षेत्र में ताजा घटनाक्रम और जारी संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की तथा संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। उन्होंने ईरान और पूरे क्षेत्र की स्थिति पर भारत की गहरी ¨चता भी व्यक्त की।




