

रुद्रपुर,जनपद उधम सिंह नगर के ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की जाली किताबों के बड़े भंडारण का मामला सामने आया है। रविवार को राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए भारी मात्रा में संदिग्ध किताबें बरामद कीं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 15 मार्च 2026 को पूर्वाह्न लगभग 10:30 बजे तहसील रुद्रपुर के अंतर्गत ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित खसरा संख्या 216 में बने एक गोदाम पर संयुक्त टीम ने छापा मारा। निरीक्षण के दौरान गोदाम में एनसीईआरटी की बड़ी मात्रा में जाली पुस्तकों का भंडारण पाया गया, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि गोदाम में रखी किताबों की गणना का कार्य अभी जारी है। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन पुस्तकों को बाजार में असली एनसीईआरटी किताबों के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। टीम द्वारा मौके पर आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार मामले में विस्तृत जांच की जा रही है और किताबों की पूरी गिनती के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राजस्व, शिक्षा और पुलिस विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर कार्यवाही को आगे बढ़ा रही है।
फर्जी वॉटरमार्क वाली NCERT किताबों का भंडाफोड़, लाखों की खेप बरामद
रुद्रपुर के कीरतपुर गांव स्थित एक निजी गोदाम में नकली NCERT (National Council of Educational Research and Training) किताबों का बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को NCERT और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोदाम में छापा मारा, जहां कक्षा 1 से 12 तक की 10 लाख से अधिक किताबें बरामद की गईं।
जांच के दौरान किताबों में कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे अहम यह कि किताबों के पन्नों पर NCERT की जगह “ACERT” का फर्जी वॉटरमार्क मिला। इसके अलावा किताबों में बारकोड नहीं थे और प्रिंटिंग व बाइंडिंग की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। टीम ने 140-140 किताबों के सैंपल कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह नकली किताबें पश्चिम बंगाल, लखनऊ और मध्यप्रदेश तक सप्लाई की जा रही थीं। मुनाफाखोरी के लालच में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस ने गोदाम सील कर दिया है और कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने अभिभावकों से शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।




