

किच्छा, 16 अप्रैल 2026।प्रदेश के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को किच्छा में निर्माणाधीन 280 बेड के सेटेलाइट एम्स अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए श्रमिकों और उपकरणों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों, विशेषकर सीपीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को निर्देशित किया कि अस्पताल भवन का कार्य हर हाल में आगामी जुलाई माह तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि अगस्त से ओपीडी सेवाएं शुरू की जा सकें। उन्होंने कहा कि कार्यों को चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता उत्पल त्रिपाठी ने जानकारी दी कि अस्पताल भवन का निर्माण कार्य 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवासीय भवनों का कार्य 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जिसे मई माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही अस्पताल परिसर की सड़कों का निर्माण भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि जून में पौधरोपण का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में 250 बेड की सुविधा के साथ 10 ऑपरेशन थिएटर, 30 आईसीयू बेड, आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं लैब सुविधाएं, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा परिसर में सराय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जा रहा है।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि यदि निर्माण कार्य जुलाई तक पूर्ण हो जाता है, तो अगस्त से ओपीडी सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी।
वहीं, अधीक्षण अभियंता सिंचाई ने बताया कि एम्स परिसर के हाईवे साइड पर तीन एप्रोच गेट बनाए जा रहे हैं, जहां जुलाई से पहले नाला निर्माण और पुलिया का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव और मंडलायुक्त द्वारा परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा सहित कई प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।




