रुद्रपुर, 01 जून 2026। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकार भूमि अतिक्रमण, धर्मांतरण और महिला अपराध जैसे गंभीर विषयों को लेकर बेहद संवेदनशील है। ऐसे में पुलिस एवं प्रशासन जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी और सख्ती के साथ कार्य करें, ताकि अपराधियों में भय का वातावरण बने और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
सोमवार को जिला सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को नियमित न्यायालय लगाकर लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए। साथ ही सभी तहसीलों में 10 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जनपद में होने वाली गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने, अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालयों में प्रभावी पैरवी करने तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने पॉक्सो मामलों की विवेचना में आई कमियों की चेकलिस्ट तैयार कर भविष्य के मामलों में उसका पालन करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस एवं अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए ताकि किसी भी अपराधी को तकनीकी कमियों के कारण न्यायालय से दोषमुक्त न होना पड़े। उन्होंने मजिस्ट्रियल जांचों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा विभागों के बीच समन्वय के लिए व्हाट्सएप समूह बनाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आबकारी विभाग को कच्ची शराब और अवैध मदिरा बिक्री के विरुद्ध नियमित छापेमारी अभियान चलाने, एआरटीओ को ओवरलोड वाहनों एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन में अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन, सीएम जन समर्पण पोर्टल, आयोग संदर्भ, रिट याचिकाओं, ऑडिट आपत्तियों तथा पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद करने पर भी बल दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र चौधरी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय एवं कौस्तुभ मिश्र, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, ऋचा सिंह, तुषार सैनी, गौरव पाण्डेय, संयुक्त निदेशक अभियोजन डी.एस. जंगपांगी, डीजीसी मनोज कुमार तिवारी, बरीत सिंह, एआरटीओ मोहित कोठारी, पूजा नयाल, जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चन्द्र तिवारी, अभिहित अधिकारी एल.एम. पाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि अन्य उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
