उन्हें तलाशने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. इस घटना के बाद ट्रेकिंग सुरक्षा को लेकर भी एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
जानकारी के मुताबिक, विशेष चौहान 29 मई को पिंडारी ग्लेशियर की ओर ट्रेक पर गए थे. उनके साथ एक पोर्टर भी मौजूद था, जो वापसी के दौरान उनके साथ था. लेकिन लौटते समय विशेष ने पोर्टर से कहा कि वह काफी थक गए हैं और कुछ देर आराम करने के बाद आगे बढ़ेंगे. उन्होंने पोर्टर को आगे निकल जाने के लिए कहा. पोर्टर तय समय पर बेस तक पहुंच गया, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी विशेष वहां नहीं पहुंचे. इसके बाद चिंता बढ़ी और मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई.
एसडीआरएफ ने शुरू किया बड़ा सर्च ऑपरेशन
विशेष के लापता होने की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस ने तुरंत अभियान शुरू किया. अधिकारियों के मुताबिक, हेड कांस्टेबल टीका सिंह कार्की के नेतृत्व में टीम ग्लेशियर क्षेत्र के लिए रवाना हुई. सर्च टीम ने गाइड द्वारा बताए गए संदिग्ध इलाके में रस्सियों की मदद से करीब 60 से 70 मीटर नीचे उतरकर खोजबीन की. लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद विशेष का कोई पता नहीं चल सका. इस दौरान टीम को उनका कैमरा जरूर मिला, जिससे यह उम्मीद बनी कि आसपास कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है. इसके बाद खोज अभियान को पिंडर नदी के किनारे और आसपास के जंगल वाले क्षेत्रों तक बढ़ा दिया गया.
मौसम बना बड़ी चुनौती
सर्च ऑपरेशन के बीच मौसम भी लगातार मुश्किलें खड़ी करता रहा. शनिवार को भारी बारिश और खराब हालात के कारण अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था. सुरक्षा कारणों से टीम को अस्थायी तौर पर पीछे हटना पड़ा. हालांकि रविवार को मौसम बेहतर होने के बाद फिर से विशेष की तलाश तेज कर दी गई और अलग-अलग हिस्सों में टीमें लगाई गईं.
उत्तरकाशी में भी एक महिला ट्रैकर लापता
इसी बीच उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से भी एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई. यहां करीब 30 साल की बबीता पांडे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं. बताया जा रहा है कि बबीता कुछ अन्य लोगों के साथ ट्रेकिंग पर गई थीं. ट्रेक के दौरान वह अपने टेंट से बाहर निकली थीं, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटीं. सूचना मिलने के बाद वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत तलाश शुरू की. पिछले तीन दिनों से लगातार खोज अभियान चल रहा है, लेकिन अब तक उनका भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
