वैदिक पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए है।

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ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी (Pradyumna Chaturthi 2026) मनाई जाती है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की साधना करने से साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधा दूर होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिन मनाई जाएगी प्रद्युम्न चतुर्थी और शुभ मुहूर्त के बारे में।

(AI Generated Image)

प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradyumna Chaturthi 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 17 जून को रात 09 बजाकर 38 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का 18 जून को शाम 06 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में प्रद्युम्न चतुर्थी 18 जून को मनाई जाएगी।

चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 10 बजकर 58 मिनट से 01 बजकर 46 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से 02 बजकर 38 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 20 मिनट से 07 बजकर 40 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 11 बजकर 32 मिनट तक
गुरु पुष्य योग- सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 11 बजकर 32 मिनट तक

इन उपाय से करें गणपति बप्पा को प्रसन्न

आर्थिक लाभ और धन वृद्धि के लिए- अगर आप धन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें और गुड़ और शुद्ध देशी घी का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से न संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है और भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।

नौकरी और व्यापार में तरक्की के लिए- अगर आप करियर में सफलता पाना चाहते हैं, तो प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को पूजा के दौरान दूर्वा अर्पित करें। इस दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से कार्यक्षेत्र की रुकावटें दूर होती हैं। साथ ही नौकरी और व्यापार में तरक्की होती है।

अस्वीकरण: ”इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। अवतार सिंह बिष्ट हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।


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