

रुद्रपुर में आज भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई, जब श्री खाटू श्याम की भव्य निशान यात्रा ट्रांजिट कैंप स्थित फुटबॉल मैदान से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई गल्ला मंडी स्थित मंदिर तक पहुंची। “हारे के सहारे, खाटू श्याम हमारे” के गगनभेदी जयकारों के बीच निकली यह यात्रा आस्था का जीवंत उत्सव बन गई।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
आस्था का प्रवाह, श्रद्धा का विस्तार
जैसे ही दोपहर में यात्रा का शुभारंभ हुआ, हजारों श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान (ध्वज) लेकर शामिल हुए। लाल, केसरिया और पीले रंगों से सजे ये ध्वज भक्ति के प्रतीक बनकर पूरे मार्ग में लहराते रहे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भाव-भंगिमा यह दर्शा रही थी कि वे अपने आराध्य की शरण में पूर्ण रूप से समर्पित हैं।
महिलाओं में दिखा देवी स्वरूप
इस निशान यात्रा की सबसे दिव्य झलक महिलाओं की रही, जो पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर चुनरी और हाथों में ध्वज लिए चल रही थीं। उनकी श्रद्धा और भक्ति ने पूरे वातावरण को मातृशक्ति से आलोकित कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात दुर्गा स्वरूपा इस यात्रा में विराजमान हों।
ठुकराल का नेतृत्व, आस्था का केंद्र
यात्रा का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। राजनीतिक जीवन में बदलावों के बावजूद उनकी धार्मिक छवि आज भी जनमानस में गहराई से स्थापित है, और यही कारण है कि इस आयोजन में जनसैलाब उमड़ा।
भक्ति संगीत से गूंजा शहर
यात्रा में शामिल महाकाल बैंड और भजन मंडलियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों और भजनों की मधुर ध्वनि ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। राजस्थान से आए विशेष निशान ने भी आकर्षण का केंद्र बनकर आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया।
सामाजिक समरसता का संदेश
यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा जगह-जगह जलपान, स्वागत और सेवा की व्यवस्था की गई। ट्रांजिट कैंप लघु उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने इसे सामाजिक एकता और सहयोग का प्रतीक बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने की अपील की।
सेवा और भक्ति का संगम
यात्रा के समापन पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन सेवा, समर्पण और साझा संस्कृति का प्रतीक बनकर उभरा।
आज संकीर्तन महोत्सव
आयोजकों ने जानकारी दी कि 02 मई 2026 को शाम 7:15 बजे से चामुंडा देवी मंदिर परिसर स्थित इण्डियन पब्लिक स्कूल में विशाल श्री श्याम संकीर्तन महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को भावविभोर करेंगे।
खाटू श्याम कौन हैं और निशान यात्रा का महत्व,खाटू श्याम को महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक का अवतार माना जाता है। वे भीम के पौत्र थे और अपार शक्ति के धनी थे। उन्होंने वचन दिया था कि वे हमेशा कमजोर पक्ष का साथ देंगे। उनकी इस प्रतिज्ञा के कारण भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे उनका शीश दान में मांगा, जिसे बर्बरीक ने सहर्ष दे दिया। उनके त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें कलयुग में “श्याम” नाम से पूजे जाने का वरदान दिया। इसी कारण उन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है।
निशान यात्रा खाटू श्याम भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान झंडे लेकर यात्रा करते हैं और मंदिर में अर्पित करते हैं। यह यात्रा आस्था, समर्पण और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है, जो व्यक्ति को ईश्वर के प्रति पूर्ण श्रद्धा से जोड़ती है।
रुद्रपुर में निकली यह निशान यात्रा आस्था, एकता और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बन गई। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि भक्ति की शक्ति आज भी समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने में सक्षम है।
आज रुद्रपुर में एक ऐसी यात्रा निकली, जिसमें श्रद्धा ने सड़कों पर चलकर इतिहास रच दिया।




