10% क्षेत्रीय आरक्षण के लाभार्थियों को नियुक्ति देने की मांग पर आंदोलनकारियों का धरना जारी
राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच ने नियुक्तियों में देरी के खिलाफ उठाई आवाज
परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्ति न मिलने पर दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
राज्य आंदोलनकारियों और आश्रितों के अधिकारों को लेकर तेज हुआ आंदोलन
नियुक्ति की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन, कई संगठनों का मिला समर्थन
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
आरक्षण बहाली के बाद भी नियुक्ति न मिलने पर आंदोलनकारियों में रोष
केदारनाथ आपदा के मृतकों को श्रद्धांजलि देकर शुरू हुआ आंदोलनकारियों का धरना
2013 के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग, संयुक्त मंच का आंदोलन जारी
देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों को प्रदत्त 10 प्रतिशत क्षेत्रीय आरक्षण की बहाली के बावजूद परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्ति न दिए जाने के विरोध में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने की शुरुआत केदारनाथ आपदा में मृत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई।
धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व उक्रांद प्रवक्ता मनोरथ ध्यानी ने कहा कि वह राज्य आंदोलनकारियों के साथ हो रहे इस व्यवहार की कड़ी भर्त्सना करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अधिनियम बनाए जाने के बावजूद वर्ष 2013 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मात्र सात लोगों को ही नियुक्ति दी गई, जबकि इस श्रेणी में लगभग 25 अभ्यर्थी शेष थे।
रामनगर से पहुंचे आंदोलनकारी भगवती कुकरेती ने कहा कि वर्ष 2013 के अभ्यर्थियों के साथ जो समस्या उत्पन्न हुई थी, वैसी स्थिति आंदोलनकारियों के आश्रितों के सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य जिलों से भी लोग इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए पहुंचेंगे।
मंच संयोजक अम्बुज शर्मा ने समर्थन में पहुंचे सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा तथा सभी संबंधित पक्षों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
धरने में बैठने वालों में राम किशन, अम्बुज शर्मा, पंकज सिंह रावत, शैलेश सेमवाल एवं अन्य आंदोलनकारी शामिल रहे। वहीं समर्थन देने पहुंचे लोगों में मनोरथ प्रसाद ध्यानी, प्रभात डंडरियाल, आश्रित आंदोलनकारी कमलेश नौटियाल, राजेश कुमार, नौगांव से मनोज कुमार, आनंद सिंह गोसाई, गुरु प्रसाद, सुशील घिल्डियाल, भगवती प्रसाद तथा प्रसिद्ध समाजसेवी मोहन सिंह खत्री प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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