रुद्रपुर उत्तराखंड में साइबर अपराध तेजी से बढ़ता जा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, सिक्किम और नागालैंड जैसे पहाड़ी राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में सबसे अधिक साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में वर्ष 2024 में कुल 543 साइबर अपराध दर्ज किए गए, जिनमें 139 महिलाएं ठगी का शिकार हुईं। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 203 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड में महिलाओं से जुड़े साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी और इंटरनेट मीडिया पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने के 82 मामले दर्ज किए गए। महिलाओं की शिकायत पर साइबर ब्लैकमेलिंग का एक और साइबर स्टॉकिंग के दो मामले भी दर्ज हुए। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन यौन शोषण के 108 मामले सामने आए हैं।
तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में साइबर ठगी के कुल 1596 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2022 में 559, वर्ष 2023 में 494 और वर्ष 2024 में 543 मामले सामने आए। 118 लाख जनसंख्या के आधार पर उत्तराखंड में साइबर क्राइम दर 4.6 प्रतिशत दर्ज की गई है।
साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। निवेश का झांसा, फर्जी लिंक, सेक्सटार्शन, फर्जी एसएमएस, चालान लिंक, फर्जी लोन एप, होटल और यात्रा टिकट बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ओटीपी शेयरिंग, रिश्तेदार बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, एआई तकनीक से नकली आवाज बनाकर ठगी, फर्जी बिजली-पानी बिल, गूगल सर्च से मिले अनजान नंबर, अश्लील वीडियो कॉल, ऑनलाइन लॉटरी, मैट्रिमोनियल साइट्स, गिफ्ट भेजने, कॉइन रिडीम और केवाईसी अपडेट जैसे बहानों से लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
एनसीआरबी के अनुसार पहाड़ी राज्यों के साइबर अपराध आंकड़े
उत्तराखंड – 543 मामले, 139 महिलाएं ठगी का शिकार, 203 गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश – 148 मामले, 30 महिलाएं प्रभावित, 35 गिरफ्तार
मेघालय – 97 मामले, 35 महिलाएं प्रभावित, 02 गिरफ्तार
अरुणाचल प्रदेश – 78 मामले, 25 महिलाएं प्रभावित, 04 गिरफ्तार
मिजोरम – 50 मामले, 33 महिलाएं प्रभावित, 38 गिरफ्तार
त्रिपुरा – 33 मामले, 10 महिलाएं प्रभावित, 07 गिरफ्तार
सिक्किम – 15 मामले, 05 महिलाएं प्रभावित, कोई गिरफ्तारी नहीं
नागालैंड – 14 मामले, 02 महिलाएं प्रभावित, 05 गिरफ्तार
कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि साइबर ठगी होने पर पीड़ितों को तुरंत 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए जल्द ही कुमाऊं के सभी थानों में साइबर कमांडो नियुक्त किए जाएंगे। वर्तमान में प्रत्येक जिले में केवल एक साइबर सेल कार्यरत है, लेकिन थानों में साइबर कमांडो तैनात होने के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए निजी जानकारी देने से बचना चाहिए।
उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराध ने बढ़ाई चिंता!सात पहाड़ी राज्यों में सबसे अधिक साइबर ठगी के मामले उत्तराखंड में दर्ज!हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट की रिपोर्ट
