नरेंद्रनगर विवाद: प्रमिला रावत ने उठाए महिला सम्मान और चुनावी मर्यादा पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

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नरेंद्रनगर नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और उत्तराखंड क्रांति दल की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। प्रमिला रावत ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर चुनावी नियमों का उल्लंघन किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ। वहीं विपक्षी दलों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चुनावी मर्यादा, महिला सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर बहस तेज हो गई है। जनता और विभिन्न संगठनों ने चुनाव आयोग तथा प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, तथ्य सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड


नरेंद्रनगर विवाद: प्रमिला रावत ने उठाए महिला सम्मान और चुनावी मर्यादा पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
नरेंद्रनगर नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर हुए विवाद के बाद उत्तराखंड क्रांति दल की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत ने इसे केवल राजनीतिक मामला नहीं बल्कि उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर चुनावी नियमों की अनदेखी की गई और जब उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई तो उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
प्रमिला रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं ने अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया था। ऐसे राज्य में यदि कोई महिला जनप्रतिनिधि या सामाजिक कार्यकर्ता अपनी बात उठाती है और उसे दबाने का प्रयास किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनके अनुसार लोकतंत्र में किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को चुनावी नियमों और कानून का पालन करना चाहिए।
उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं का कहना है कि यदि महिला सम्मान और चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयोग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रमिला रावत ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, महिला सम्मान और उत्तराखंड की मूल भावना की रक्षा के लिए है। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं और नागरिकों से लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान भी किया।

नरेंद्रनगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान केंद्र में मंत्री सुबोध उनियाल के प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। UKD नेत्री प्रमिला रावत ने इसका विरोध किया, जिसके बाद तीखी बहस हुई। यूकेडी  एवं कांग्रेस ने इसे चुनावी मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


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