इस ऑनर किलिंग मामले का खुलासा करते हुए सहारनपुर पुलिस ने मृतका के सगे मामा कर्मवीर, मां विमला और एक अन्य आरोपी रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का देसी तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा भी बरामद हुआ है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
4 महीने पहले की थी लव मैरिज, बदनामी से खफा था परिवार
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है. शामली जिले के रहने वाले 24 वर्षीय शिव कुमार और आकांक्षा एक-दूसरे के पड़ोसी थे. साल 2020 से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. आकांक्षा का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था. विरोध के बावजूद करीब 4 महीने पहले दोनों ने घर से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली थी.
लव मैरिज के बाद गांव में बकायदा पंचायत भी बुलाई गई थी. पंचायत के फैसले के मुताबिक, शिव कुमार के पिता ने समाज में टकराव टालने के लिए दोनों को उत्तराखंड भेज दिया था. दोनों उत्तराखंड में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे. लेकिन आकांक्षा का परिवार गांव में हो रही अपनी बदनामी और ‘झूठी शान’ को लेकर लगातार गुस्से में था.
परीक्षा केंद्र पर रची गई खूनी साजिश
9 जून (मंगलवार) को आकांक्षा यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए अपने पति शिव कुमार के साथ सहारनपुर के रामपुर मनिहारण स्थित एक एग्जाम सेंटर पहुंची थी. आकांक्षा के परिवार को इसकी भनक लग गई और उन्होंने मौत की पूरी प्लानिंग कर ली.
पहली पाली (Shift) का एग्जाम खत्म होने के बाद आकांक्षा जैसे ही खुशी-खुशी कॉलेज के गेट से बाहर निकली और गाड़ी में बैठकर कुछ ही कदम आगे बढ़ी, पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने शिव कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. शिव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आकांक्षा चीखती-चिल्लाती रह गई. सोशल मीडिया पर आकांक्षा के रोने और अपने ही मायके वालों का नाम लेने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था.
सरकारी नौकरी की आ गई थी जॉइनिंग, खुशियां मातम में बदलीं
