हाल ही में अमेरिकी सरकार द्वारा जारी किए गए डीक्लासिफाइड यूएफओ दस्तावेजों में भारत के हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर लद्दाख और सिक्किम, में 1968 में देखी गई अज्ञात उड़ती वस्तुओं का उल्लेख किया गया है।

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इन दस्तावेजों में सीआईए की एक रिपोर्ट में कई घटनाओं का जिक्र है, जिन्होंने उस समय स्थानीय निवासियों को चौंका दिया था।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

सिक्किम में अजीब वस्तु का अवलोकन

रिपोर्ट के अनुसार, 19 फरवरी 1968 को उत्तर सिक्किम के लाचुंग, लाचेन, ट्रांगु, मुगुथांग और छोल्हामू क्षेत्रों में लोगों ने आसमान में एक अजीब वस्तु को उड़ते हुए देखा। यह वस्तु उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके पीछे से तेज रोशनी निकल रही थी, जिससे आस-पास का क्षेत्र कुछ समय के लिए रोशन हो गया। घटना के कुछ समय बाद गरज जैसी आवाज भी सुनाई दी थी।

लद्दाख में मार्च 1968 की घटनाएं

मार्च 1968 में लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से भी ऐसी कई रिपोर्टें आई थीं। 4 मार्च को चांग ला, फुकचे और कोयुल के निवासियों ने पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ती एक चमकीली सफेद रोशनी देखी। इसके बाद दो तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। कुछ लोगों ने लाल रंग की चमक और सफेद धुएं को भी देखने का दावा किया। उसी दिन अने ला इलाके में एक दूसरी रहस्यमयी वस्तु देखी गई, जो गोलाकार रास्ते में घूमती नजर आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह उड़ती हुई वस्तु धुआं छोड़ रही थी और इसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं।


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