यानी इस सड़क पर निजी और यात्री वाहनों का संचालन नहीं होगा। केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही इस मार्ग पर संचालन की अनुमति रहेगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
इसके अलावा भवाली से कैंचीधाम तक, भवाली से भीमताल तक और भवाली से नैनीताल तक सड़क किनारे स्टॉल और फूड वैन लगाने समेत भंडारे के आयोजन पर भी रोक रहेगी। निजी एंबुलेंस की भी चेकिंग की जाएगी, ताकि कोई निजी वाहन का दुरुपयोग न कर पाए। संबंधित वाहन चालक से दस्तावेज, अनुमति पत्र, मेडिकल उपकरण समेत अन्य सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी जांच जाएंगे। धाम क्षेत्र में ड्रोन संचालन के लिए पहले ही अनुमति लेनी जरूरी होगी।
चार दिन डायवर्जन प्लान देखकर निकलें
अल्मोड़ा। कैंची मेले को लेकर अल्मोड़ा पुलिस प्रशासन की ओर से डायवर्जन प्लान जारी किया गया है। यातायात प्लान 13 से 16 जून तक प्रभावी रहेगा। प्लान के मुताबिक बागेश्वर, गरुड़, सोमेश्वर की ओर से आने वाले वाहनों को सिकुड़ा बैण्ड से वाया लमगड़ा होते हुए हल्द्वानी भेजा जाएगा। पिथौरागढ़, शेराघाट, बेरीनाग, गंगोलीहाट के वाहनों को भी बाड़ेछीना-सुवाखान तिराहा से वाया लमगड़ा होते हुए हल्द्वानी को संचालित किए जाएंगे।
मेला ड्यूटी में लगे 77 कर्मचारी और अफसर
15 जून को आयोजित होने वाले श्री कैंचीधाम महोत्सव को लेकर शुक्रवार को आरटीओ कार्यालय में सभी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों की तैयारी बैठक हुई। आरटीओ प्रशासन डॉ. गुरदेव सिंह ने बताया कि हल्द्वानी संभाग से पांच एआरटीओ समेत 77 अधिकारियों और कर्मचारियों को मेला ड्यूटी में लगाया गया है। बैठक में आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे भी मौजूद रहे।
मेला के लिए 350 बसें
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केमू और रोडवेज की करीब 350 से अधिक बसों को मेला ड्यूटी में लगाया है। कुमाऊं की लाइफलाइन मानी जाने वाली कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की लगभग 400 बसें पूरे कुमाऊं और गढ़वाल के प्रमुख मार्गों पर संचालित होती हैं। परिवहन विभाग ने इनमें से करीब 250 बसों को कैंचीधाम मेले के लिए शटल सेवा में लगाया है। इन बसों को 14 जून से निर्धारित शटल प्वाइंट पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके कारण रविवार सुबह से ही पर्वतीय रूटों पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। वहीं, हल्द्वानी और काठगोदाम रोडवेज डिपो से भी करीब 100 बसों की मांग मेले के लिए की गई है। रोडवेज प्रबंधन ने मेला ड्यूटी को देखते हुए 14 और 15 जून को संबंधित चालकों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं।
