उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर मंथन, समाज सेवा और एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोरपीलीभीत रोड। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को

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पीलीभीत रोड स्थित महासभा कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन तथा नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश स्तर पर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा पंजाबी समाज की एकता, संस्कृति और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।


बैठक में उत्तरांचल पंजाबी महासभा की प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य राजकुमार फुटेला एवं हरीश जल्होत्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष विजय अरोड़ा ने की, जबकि संचालन महासभा के महामंत्री हरीश बत्रा द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य विषय उत्तरांचल पंजाबी महासभा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को लेकर सुझाव प्राप्त करना तथा आगामी प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की रूपरेखा तय करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष विजय अरोड़ा ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा वर्षों से समाज सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण तथा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करती आ रही है। संगठन का उद्देश्य केवल पंजाबी समाज को संगठित करना ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के साथ सामंजस्य स्थापित कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार प्रदेश के प्रत्येक जिले और नगर तक हो रहा है, जिसके लिए एक मजबूत और सक्रिय प्रदेश नेतृत्व की आवश्यकता है।
महामंत्री हरीश बत्रा ने बैठक के संचालन के दौरान उपस्थित सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का चयन पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की एकजुटता और सक्रियता पर निर्भर करती है। इसलिए ऐसा नेतृत्व चुना जाएगा जो सभी को साथ लेकर चल सके और समाज के प्रति समर्पित भावना रखता हो।
बैठक में प्रदेश सचिव मनोज वाधवा ने संगठन की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा जल्द ही अपने 12 सदस्यीय संरक्षक मंडल तथा 7 सदस्यीय प्रदेश कोर कमेटी के माध्यम से पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं नगर इकाइयों से सुझाव प्राप्त करेगी। इन सुझावों के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सामने आए नामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद सर्वसम्मति से योग्य व्यक्ति का चयन कर नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।
मनोज वाधवा ने कहा कि महासभा का उद्देश्य ऐसा नेतृत्व तैयार करना है जो केवल संगठनात्मक दृष्टि से ही मजबूत न हो, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी आगे बढ़ाने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में युवाओं तथा महिलाओं की भूमिका को भी और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य राजकुमार फुटेला ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा की पहचान एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन के रूप में रही है। संगठन ने हमेशा समाज हित के कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का चयन करते समय संगठन की मूल भावना को ध्यान में रखा जाएगा। ऐसा व्यक्ति प्रदेश की कमान संभालेगा जो समाज को जोड़ने का कार्य करे, समाज में व्याप्त चुनौतियों को समझे और सेवा भावना के साथ संगठन को नई दिशा दे सके।
राजकुमार फुटेला ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। पंजाबी समाज अपनी मेहनत, उद्यमशीलता और सेवा भाव के लिए जाना जाता है। महासभा का प्रयास रहेगा कि इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए तथा समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जाए।
प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य हरीश जल्होत्रा ने कहा कि आगामी 20 तारीख को देहरादून में आयोजित होने वाली बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की विभिन्न इकाइयों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महासभा किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और समाज सेवा की भावना के आधार पर नेतृत्व का चयन करना चाहती है।
हरीश जल्होत्रा ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा एक ऐसे गैर-राजनीतिक और समाजसेवी व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है जो पंजाबी समाज की एकता, संस्कृति, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि संगठन की प्राथमिकता समाज को जोड़ना है, न कि किसी प्रकार का विभाजन उत्पन्न करना।
बैठक के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने संगठन की भावी योजनाओं पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने प्रदेश एवं देश के विकास में समय-समय पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहायता, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महासभा लगातार समाज के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही है। भविष्य में भी संगठन इसी प्रकार समाज हित के कार्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।
नगर कोषाध्यक्ष जितिन ग्रोवर ने कहा कि पंजाबी महासभा के गठन का मूल उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक रूप से पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न सेवा परियोजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
जितिन ग्रोवर ने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब उसके कमजोर वर्गों को भी समान अवसर प्राप्त हों। महासभा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी सदस्यों से समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी संगठन की मजबूती, सदस्यता विस्तार अभियान, युवा वर्ग की भागीदारी, सामाजिक सेवा कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि पंजाबी समाज की पहचान उसकी एकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक समृद्धि से है। इन मूल्यों को संरक्षित रखना प्रत्येक सदस्य का दायित्व है।
बैठक में यह भी विचार व्यक्त किया गया कि संगठन द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, छात्रवृत्ति कार्यक्रम, प्रतिभा सम्मान समारोह तथा सांस्कृतिक आयोजन किए जाने चाहिए ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल सके और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जा सके।
सभी उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा भविष्य में भी समाज सेवा, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। संगठन का उद्देश्य केवल पंजाबी समाज का विकास ही नहीं, बल्कि सभी समुदायों के साथ मिलकर एक बेहतर और समृद्ध समाज का निर्माण करना है।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन की एकता बनाए रखने, आगामी प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में सहयोग करने तथा समाज हित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रदीप भाटिया, संरक्षक अनिल बत्रा, सरदार अमरजीत सिंह, रोहित छाबड़ा, सरदार रविंद्र रैना, सचिन कुमार विज, ललित मोहन मारवाह, बिट्टू ग्रोवर, मनोज गुलाटी, नगर अध्यक्ष विजय अरोड़ा, महामंत्री हरीश बत्रा, प्रदेश सचिव मनोज वाधवा, नगर कोषाध्यक्ष जितिन ग्रोवर, प्रदेश कोर कमेटी सदस्य राजकुमार फुटेला एवं हरीश जल्होत्रा सहित बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही एक मजबूत एवं सक्षम प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होगा, जो उत्तरांचल पंजाबी महासभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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