उत्तराखंड शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का क्षेत्र बनता जा रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कट्टरपंथी गतिविधियों और सीमा पार संचालित गिरोहों से संपर्क रखने वाले कई आरोपितों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

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गदरपुर से सलाउद्दीन की गिरफ्तारी से पहले भी उत्तराखंड में ऐसे कुछ प्रकरण हाल फिलहाल सामने आए हैं। इसी साल अप्रैल में उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से विक्रांत कश्यप नामक युवक को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपित पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और देहरादून स्थित सरकारी एवं सैन्य प्रतिष्ठानों की तस्वीरें तथा लोकेशन साझा कर रहा था।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।

एसटीएफ के मुताबिक आरोपित इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित आईएसआई से जुड़े तत्वों के संपर्क में आया था। उसके कब्जे से अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान भी बरामद किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी और आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था।

हरिद्वार की युवती का पाकिस्तान से जुड़े मनी लांड्रिंग नेटवर्क में नाम
बीते मई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र से एक युवती को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वह पाकिस्तान से जुड़े करोड़ों रुपये के संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के दायरे में आई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सीमा पार से संचालित वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है। मामले की जांच अभी जारी है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

मतांतरण रैकेट में पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन
जुलाई 2025 में देहरादून में एक मतांतरण रैकेट की जांच के दौरान छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपितों के संबंध पाकिस्तान और दुबई से संचालित बताए गए एक गिरोह से जुड़े पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड के सख्त कानूनों से बचने के लिए कथित रूप से लोगों को राज्य से बाहर ले जाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था।

ड्रोन तस्करी और हथियार नेटवर्क की कड़ी
इसी माह उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे आरोपित को गिरफ्तार किया, जिस पर पाकिस्तान से संचालित ड्रोन नेटवर्क के माध्यम से हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।

पहले विक्रांत कश्यप और अब गदरपुर से एक और गिरफ्तारी

देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से राष्ट्रविरोधी और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुछ समय पहले एसटीएफ ने विक्रांत कश्यप को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क के संबंध में जांच शुरू की थी, वहीं अब उधमसिंहनगर जिले के गदरपुर निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को फिर चर्चा में ला दिया है।

विक्रांत कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन आईएसआई आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। उसने देहरादून में स्थित महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और संवेदनशील लोकेशन पाकिस्तानी आकाओं के साथ साझा की थी। वह ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहा था। उसने कुछ दीवारों पर टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान) भी लिखा था।

झाझरा से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप पाकिस्तान में अपने आकाओं से कोड वर्ड में बात करता था। बार-बार वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से पूछ रहा था कि कहां आलू गिराने हैं। विक्रांत कश्यप को आतंकवादी गतिविधि फैलाने के लिए अलग-अलग टास्क दिए गए थे।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आलू गिराने जैसे शब्दों का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड हमलों के लिए किया जाता था। आतंकियों ने उसे पहला टास्क दीवारों पर तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान लिखकर दहशत फ़ैलाना, दूसरा संवेदनशील क्षेत्रों की फोटो व वीडियो व तीसरा टास्क ग्रेनेड हमले का था।


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