रुद्रपुर। संत शिरोमणि कबीर साहब की जयंती पूरे श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ सोमवार को रुद्रपुर में मनाई गई। इस अवसर पर एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के सामने स्थित संत कबीर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर रम्पुरा क्षेत्र से संत कबीर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे दिन शहर में संत कबीर के दोहे, भजन और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही तथा उनके बताए सत्य, प्रेम, समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
कार्यक्रम की शुरुआत कोतवाली के सामने स्थित संत कबीर साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर संत कबीर को नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। उपस्थित नेताओं ने कहा कि संत कबीर केवल एक महान संत ही नहीं बल्कि समाज सुधारक, विचारक और मानवता के सच्चे संदेशवाहक थे। उन्होंने अपने दोहों और विचारों के माध्यम से समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, जाति-पांति, छुआछूत, पाखंड और सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया तथा प्रेम, सत्य, सद्भाव और समानता का संदेश दिया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि संत कबीर का संपूर्ण जीवन समाज को सही दिशा देने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आज भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। समाज में बढ़ती दूरियों, वैमनस्य और भेदभाव को समाप्त करने के लिए संत कबीर के विचारों को आत्मसात करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब प्रत्येक व्यक्ति उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएगा।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि संत कबीर ने समाज को जाति, धर्म और पाखंड से ऊपर उठकर मानवता का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि कबीर साहब का संदेश समाज को जोड़ने वाला संदेश है। वर्तमान समय में जब समाज को आपसी भाईचारे और सौहार्द की सबसे अधिक आवश्यकता है, ऐसे में संत कबीर के विचार प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि संत कबीर का जीवन सत्य, सादगी, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की प्रेरणा देता है। उनके दोहे आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
इसके बाद रम्पुरा क्षेत्र से संत कबीर जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाओं ने सिर पर आकर्षक एवं सुसज्जित कलश धारण कर यात्रा की अगुवाई की। श्रद्धालु संत कबीर के दोहों का गायन करते हुए तथा जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा रम्पुरा के विभिन्न मार्गों से होकर निकली, जहां स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और जलपान की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया और संत कबीर के विचारों से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
शोभायात्रा के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि संत कबीर के विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि कबीर साहब ने अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार किया और मानवता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि यदि समाज संत कबीर के बताए मार्ग पर चले तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है।
दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि संत कबीर का जीवन जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाना ही संत कबीर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर के आदर्शों को अपनाकर ही एक समरस, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से संत कबीर के साहित्य और विचारों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। माल्यार्पण कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, महानगर अध्यक्ष ममता रानी, पार्षद राजू कोली, पार्षद दर्शन कोली, पूर्व पार्षद प्रीति साना, उमा सरकार, बाबू विश्वकर्मा, नवीन खेतवाल, जमुना प्रसाद, कोमल राम कोली, दीपक सागर, हरप्रीत सिंह विर्क, ओमपाल कोली, गब्बर कोली, सतीश कोली, कांति रानी कोली, कमला देवी, जमुना देवी, लक्ष्मी देवी, राजकुमारी, बबली, नन्ही देवी, नन्ही कोली, विद्या रानी, महेंद्रवती, राजू गुप्ता, रामसेवक कोली, दिनेश कोली, चंद्रसेन कोली, राजवीर सिंह विर्क, सुखवंत सिंह विर्क, कुंवर पाल कोली, हिम्मत राम कोली, शैलेंद्र कोली, आशीष श्रीवास्तव, देशराज कोली, सत्य प्रकाश कोली, रोहतास कोली, राकेश कोली, सोमपाल कोली, पप्पू कोली, सियाराम कोली, भूरा गुप्ता, जोहर गुप्ता, राजू, रामचंद्र, सोनू श्रीवास्तव, सतपाल गंगवार, राजेश सिंह, मनोज गंगवार, नारायण पाल, मनीष गंगवार, नंदकिशोर, शरीफ हुसैन, राजू गंगवार तथा जिला उपाध्यक्ष कोली समाज महेश कोली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।
वहीं शोभायात्रा में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह, दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता, अनिल चौहान, राजू गुप्ता, रामसेवक कोली, दिनेश कोली, चंद्रसेन कोली, राजवीर सिंह विर्क, सुखवंत सिंह विर्क, कुंवर पाल कोली, हिम्मत राम कोली, शैलेंद्र कोली, रश्मि रस्तोगी, आशीष श्रीवास्तव, देशराज कोली, सत्य प्रकाश कोली, रोहतास कोली, राकेश कोली, सोमपाल कोली, पप्पू कोली, सियाराम कोली, भूरा गुप्ता, जोहर गुप्ता, राजू, रामचंद्र, सोनू श्रीवास्तव, सतपाल गंगवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
पूरे आयोजन के दौरान संत कबीर के दोहे, भजन और उनके सामाजिक संदेश लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर ने अपने जीवन और साहित्य के माध्यम से समाज को सत्य, प्रेम, समानता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। आज भी उनके विचार समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द, मानव सेवा और संत कबीर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
