इसी में से एक है ईरान के परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण का मुद्दा। ईरान ने अपने परमाणु संयंत्रों की निगरानी की इजाजत देने से इंकार किया है। इस इंकार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो गए हैं। ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि तेहरान अपने परमाणु संयंत्रों की निगरानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से कराने की यदि इजाजत नहीं देता है तो वह अगली दौर की बैठक रद्द कर देंगे।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सही समय पर IAEA तेहरान जाएगा-ट्रंप
पेन्सिलवेनिया में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने निरीक्षण पर अमेरिकी चिंताओं को खारिज कर दिया। इस सवाल पर कि समझौते के तहत क्या यूएन के निरीक्षक ईरान में तैनात होंगे। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पहले ही सिद्धांत के रूप में इसके लिए तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘वे गलत थे। वे जानते हैं कि वे गलत हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने हमसे कहा कि वे निरीक्षण की इजाजत देंगे। यदि वे अब इससे मुकरते हैं तो मैं अभी बैठक रद्द कर दूंगा।’ यह पूछे जाने पर आईएईए के सदस्य ईरान कब जाएंगे, ट्रंप ने कोई समय सीमा नहीं बताया लेकिन उन्होंने कहा कि वे सही समय पर वहां मौजूद होंगे।
मक्का, सोयाबीन और गेहूं खरीदेगा ईरान-ट्रंप
ट्रंप ने ईरान के साथ शांति बातचीत को अमेरिकी किसानों के लिए लाभदायक बताया और कहा कि ईरान के रोके गए पैसे को मुक्त करने की शर्त यह होगी कि वह अमेरिका में उगाए गए मक्का, सोयाबीन और गेहूं खरीदे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ईरान को इन चीजों की बहुत ज़रूरत है… यह एक मानवीय संकट है और मुझे लगता है कि मदद करना जरूरी है।’ हालांकि इस बात की संभावना कम है कि ईरान अमेरिका से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद खरीदना शुरू करेगा।
इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी-ग्लॉबर
इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के रिसर्च फेलो एमेरिटस, जोसेफ ग्लॉबर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कम समय में व्यापार बहुत बड़ा हो जाएगा।’ ग्लॉबर ने कहा कि इस बात की संभावना कम है कि ईरान भोजन के मामले में अपने दूसरे व्यापारिक साझेदारों को छोड़ दे और अमेरिका से खरीदारी करे। उन्होंने कहा कि ईरान के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं में ब्राजील, भारत, तुर्किये, यूरोपीय संघ, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना शामिल हैं और अमेरिका से खरीदने की ट्रंप की मांग से ‘हमारे कुछ प्रतिस्पर्धियों के साथ कड़वाहट पैदा हो सकती है।’
