रुद्रपुर। आवास विकास स्थित शिव शक्ति मंदिर में प्रत्येक शनिवार की परंपरा के अनुसार इस शनिवार भी भजन-कीर्तन का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। शाम 7 बजे से मंदिर परिसर में भजन मंडली द्वारा भगवान श्रीराम, भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान हनुमान सहित विभिन्न देवी-देवताओं की स्तुति में भजन प्रस्तुत किए गए। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में शामिल होकर प्रभु का स्मरण किया और पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
इस अवसर पर रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा भी शिव शक्ति मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भी महापौर के साथ मंदिर में आयोजित भजन-कीर्तन में सहभागिता की। शनिवार की संध्या को मंदिर परिसर में श्रद्धा, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का सुंदर संगम देखने को मिला।
आज सायं श्री नीलकंठ धाम चैरिटेबल ट्रस्ट रुद्रपुर द्वारा आवास विकास वार्ड नंबर 38 , स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर में आयोजित भजन संध्या में ।।
शिव शक्ति मंदिर आवास विकास में प्रत्येक शनिवार को होने वाला भजन-कीर्तन क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए नियमित धार्मिक आयोजन का स्वरूप ले चुका है। शाम 7 बजे से भजन मंडली द्वारा भगवान के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हुए भक्तिगीत प्रस्तुत किए जाते हैं। भजन मंडली की ओर से भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण, भगवान हनुमान, भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भगवान कृष्ण, राधा रानी, माता दुर्गा, माता सरस्वती, भगवान सूर्यदेव सहित विभिन्न देवी-देवताओं की वंदना की जाती है।
भजनों के बीच श्रद्धालु भी भाव-विभोर होकर प्रभु का नाम लेते हैं। मंदिर परिसर में कभी श्रीराम के जयकारे गूंजते हैं तो कभी भगवान शिव और माता पार्वती की स्तुति से वातावरण आध्यात्मिक हो उठता है। हनुमान जी की वंदना के समय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। भगवान गणेश की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तिभाव को और अधिक गहरा करता है।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के परिवारों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कई परिवार प्रत्येक शनिवार को अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ मंदिर पहुंचते हैं। पूजा-अर्चना के बाद भजन-कीर्तन में बैठकर परिवार के सभी सदस्य सामूहिक रूप से भगवान का स्मरण करते हैं। इससे धार्मिक संस्कारों के साथ परिवार और समाज के बीच आपसी जुड़ाव भी मजबूत होता है।
इस अवसर पर अपने परिवार के साथ शिव शक्ति मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंच मंदिर में पूजा-अर्चना की। विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद भजन-कीर्तन में सहभागिता की और प्रभु का स्मरण किया। शनिवार की शाम मंदिर में बिताया गया समय श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद और मानसिक शांति का अवसर बना।
मंदिर समिति की सराहनीय पहल
शिव शक्ति मंदिर समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार नियमित रूप से भजन-कीर्तन का आयोजन करवाना धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान समय में जब परिवार और समाज के लोगों के पास एक-दूसरे से जुड़ने के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को एक साथ बैठने, प्रभु का स्मरण करने और सकारात्मक वातावरण से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
मंदिर समिति की यह पहल लोगों को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम बनी हुई है। भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी के लिए ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा का भाव विकसित करने में सहायक साबित हो सकते हैं।
भजन मंडली द्वारा अलग-अलग देवी-देवताओं की वंदना किए जाने से कार्यक्रम में धार्मिक विविधता और आध्यात्मिक भाव दिखाई देता है। भगवान श्रीराम की मर्यादा, भगवान हनुमान की भक्ति, भगवान शिव की साधना, भगवान गणेश की मंगल भावना, माता दुर्गा की शक्ति, माता लक्ष्मी की समृद्धि और माता सरस्वती के ज्ञान का स्मरण करते हुए श्रद्धालु अपने जीवन में सकारात्मक विचारों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।
हर शनिवार भक्तों के लिए विशेष अवसर
शिव शक्ति मंदिर में शनिवार शाम 7 बजे होने वाला भजन-कीर्तन आसपास के लोगों के लिए प्रत्येक सप्ताह आध्यात्मिक रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। श्रद्धालुओं से अपील की जा सकती है कि जो परिवार आवास विकास और आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं, वे प्रत्येक शनिवार मंदिर पहुंचकर भजन-कीर्तन में सहभागी बनें।
मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना, भगवान के दर्शन और सामूहिक भजन-कीर्तन के माध्यम से कुछ समय प्रभु के चरणों में बिताना व्यक्ति के मन में शांति और सकारात्मकता का भाव उत्पन्न करता है। सामूहिक रूप से भगवान का नाम लेने से वातावरण में भक्तिभाव और आत्मीयता का संचार होता है।
धर्म के साथ सामाजिक एकता का संदेश
मंदिर समिति द्वारा आयोजित यह साप्ताहिक भजन-कीर्तन धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी देता है। अलग-अलग परिवारों के लोग एक स्थान पर एकत्र होकर भगवान की आराधना करते हैं। इससे आपसी परिचय बढ़ता है और क्षेत्र में पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को मजबूती मिलती है।
ऐसे आयोजनों में वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता जहां उन्हें आध्यात्मिक संतोष प्रदान करती है, वहीं बच्चों को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। महिलाएं भी भजन मंडली के साथ धार्मिक गीतों में सहभागिता कर वातावरण को भक्तिमय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शिव शक्ति मंदिर समिति की ओर से प्रत्येक शनिवार इस प्रकार का आयोजन लगातार किया जाना श्रद्धालुओं के लिए सराहनीय पहल है। समिति ने मंदिर को केवल पूजा-अर्चना का स्थान रखने के साथ उसे सामूहिक आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनाने का प्रयास किया है। भजन-कीर्तन के माध्यम से लोगों को ईश्वर के करीब लाने और सनातन धार्मिक परंपराओं से जोड़ने की यह पहल समाज के लिए सकारात्मक संदेश देती है।
शनिवार की शाम शिव शक्ति मंदिर में जब भगवान श्रीराम, भगवान हनुमान, भगवान शिव, भगवान गणेश, माता पार्वती, माता दुर्गा, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और राधा रानी सहित विभिन्न देवी-देवताओं के नामों का स्मरण हुआ तो पूरा वातावरण भक्तिरस से भर उठा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रभु का ध्यान किया और सामूहिक रूप से भजनों का आनंद लिया।
इस अवसर पर रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा की उपस्थिति ने भी आयोजन की गरिमा बढ़ाई। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।
शिव शक्ति मंदिर आवास विकास की यह साप्ताहिक धार्मिक परंपरा क्षेत्रवासियों के लिए आस्था, संस्कृति और सामाजिक सद्भाव का सुंदर संगम बनती जा रही है। मंदिर समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार शाम 7 बजे आयोजित किए जा रहे भजन-कीर्तन की पहल की क्षेत्रवासियों ने सराहना की और इसे आगे भी निरंतर जारी रखने की भावना व्यक्त की।
यदि आप आवास विकास या आसपास के क्षेत्र में रहते हैं तो प्रत्येक शनिवार शाम 7 बजे शिव शक्ति मंदिर पहुंचकर भजन-कीर्तन में सहभागी बनें, प्रभु श्रीराम, श्री हनुमान जी, भगवान शिव, भगवान गणेश और समस्त देवी-देवताओं का स्मरण करें तथा परिवार के साथ कुछ समय आध्यात्मिक वातावरण में बिताएं।भजन संध्या में मुख्य रूप से प्रमोद मित्तल , पवन राणा,
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