रुद्रपुर। ग्राम पंचायत भमरौला के सैकड़ों भूमिहीन परिवारों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जियाउल रहमान के नेतृत्व में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से मुलाकात कर हरिजन आबादी के लिए आरक्षित सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर पात्र भूमिहीन परिवारों को पट्टा आवंटित किए जाने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने पूर्व विधायक को ज्ञापन सौंपा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
ज्ञापन में बताया गया कि ग्रामसभा भमरौला की खसरा संख्या 437 एवं 437 मि. हरिजन आबादी के लिए आरक्षित है, जबकि खसरा संख्या 420 एवं 421 सार्वजनिक रास्ता एवं नाली के रूप में दर्ज हैं। आरोप है कि इन सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे भूमिहीन एवं जरूरतमंद परिवार अपने अधिकारों से वंचित हैं। साथ ही सार्वजनिक मार्ग और नाली भी अतिक्रमण के कारण बाधित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि 18 जून को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संबंधित भूमि को कब्जामुक्त कराकर पात्र भूमिहीन एवं हरिजन परिवारों को पट्टा आवंटित करने तथा सार्वजनिक रास्ता और नाली से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कब्जाधारी भूमि खाली करने को तैयार नहीं हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जियाउल रहमान, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंकित सिंह एवं अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट और तहसीलदार दिनेश कुटोला से दूरभाष पर वार्ता कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा अवैध कब्जा हटाकर पात्र भूमिहीन परिवारों को शीघ्र पट्टा आवंटित कराने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि गरीब, भूमिहीन और वंचित परिवारों को उनका अधिकार दिलाना केवल प्रशासनिक दायित्व ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि हरिजन आबादी के लिए सुरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए वह हर संभव प्रयास करते रहेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जियाउल रहमान, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंकित सिंह, प्रतीक शाही, मेघनाथ, अली रजा, संजय, देवराज, राजकुमार, हरेंद्र, सूरज कुशवाहा, कुसुम, उषा, गुलवसा, शुभम, सागर, रवि तिवारी, सपना, महिमा गौतम सहित बड़ी संख्या में भूमिहीन ग्रामीण उपस्थित रहे।
