ड्यूटी के दौरान उत्तराखंड का वीर सपूत अग्निवीर सचिन सिंह शहीद, पूरे सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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पौड़ी गढ़वाल/हरिद्वार। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से एक बेहद दुखद और गर्व से भरी खबर सामने आई है। जिले के युवा अग्निवीर सचिन सिंह देश की सेवा करते हुए केरल में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। महज 19 वर्ष की आयु में उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
सात महीने का प्रशिक्षण पूरा कर हुई थी पहली तैनाती

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिन सिंह ने भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होने के बाद लगभग सात महीने का कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था। प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली तैनाती केरल के तिरुवनंतपुरम में की गई थी। बताया जा रहा है कि तैनाती के करीब दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि ड्यूटी के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
हालांकि, उनकी शहादत किन परिस्थितियों में हुई, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
शहादत की खबर से गांव में पसरा मातम
जैसे ही शहीद होने की सूचना उनके परिजनों तक पहुंची, घर में मातम छा गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है। ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और देशभक्ति को नमन किया।
पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शहीद सचिन सिंह के पार्थिव शरीर को हरिद्वार लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। “भारत माता की जय” और “शहीद सचिन सिंह अमर रहें” के नारों के बीच हर किसी ने नम आंखों से अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई दी।
हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे सचिन सिंह
महज 19 वर्ष की उम्र में सचिन सिंह ने जो साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जब अधिकांश युवा अपने भविष्य की दिशा तय करने में लगे रहते हैं, उस उम्र में सचिन ने देश सेवा का मार्ग चुना और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
राष्ट्र उनकी वीरता और बलिदान को सदैव याद रखेगा।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
शत-शत नमन, वीर सपूत अग्निवीर सचिन सिंह।
जय हिंद।


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