दो माह की कार्ययोजना मांगी गई, समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए होगी विशेष रणनीत
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए भाजपा ने इस बार अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि अब पार्टी केवल मोर्चों के भरोसे नहीं रहेगी, बल्कि सभी प्रकोष्ठों को भी चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका दी जाएगी। इसके लिए सभी प्रकोष्ठों से अगले दो माह की विस्तृत कार्ययोजना मांगी गई है।
कुंदन परिहार ने बताया कि सोमवार को देहरादून और मंगलवार को हरिद्वार में दो दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक के प्रकोष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यशालाओं में प्रत्येक प्रकोष्ठ की सेक्टरवार जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और चुनाव तक विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच कार्यक्रमों का खाका तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में विधि, निकाय, पंचायत, एनजीओ, गोरखा और स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ को जिम्मेदारियां दी जाएंगी। दूसरे चरण में धर्म-संस्कृति, सांस्कृतिक गतिविधियां, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, प्रबुद्ध वर्ग और दिव्यांग सहित अन्य प्रकोष्ठों को चुनावी अभियान से जोड़ा जाएगा।
भाजपा का लक्ष्य डॉक्टर, वकील, शिक्षाविद, उद्यमी, पंचायत व निकाय प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, गोरखा समाज, दिव्यांगजन तथा सांस्कृतिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित समाज के विभिन्न प्रभावशाली वर्गों के बीच संवाद बढ़ाना है। पार्टी चाहती है कि प्रत्येक प्रकोष्ठ अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ नियमित बैठकें कर संगठन की पहुंच मजबूत करे।
प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक कौस्तुभानंद जोशी ने बताया कि अब तक चुनावी अभियानों में मोर्चों की प्रमुख भूमिका रही है, लेकिन इस बार प्रकोष्ठों को भी समानांतर रूप से सक्रिय किया जा रहा है, ताकि समाज के विशिष्ट और प्रबुद्ध वर्गों तक पार्टी का सीधा संवाद स्थापित हो सके।
