रुद्रपुर के भूरारानी क्षेत्र में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा लगभग सात एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई का आम लोगों ने स्वागत किया है। प्राधिकरण ने वाद संख्या-75/2024 के तहत कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण और विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान प्राधिकरण के अभियंताओं, कर्मचारियों और पुलिस बल की मौजूदगी रही।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
7 एकड़ में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, प्राधिकरण ने किया ध्वस्तीकरण,रुद्रपुर। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (डीडीए), ऊधमसिंह नगर ने भूरारानी क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही एक बड़ी कॉलोनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री जय किशन के निर्देशों के अनुपालन में वाद संख्या-75 वर्ष 2024 के तहत यह कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अनुसार श्री पदम सिंह, गिरीश जोशी, राजेन्द्र सिंह कनवाल एवं इन्द्र सिंह कनवाल द्वारा लगभग सात एकड़ भूमि पर बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित की जा रही थी। पूर्व में ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर प्राधिकरण ने पुलिस बल, सहायक अभियंता, अवर अभियंता और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माण एवं विकास कार्यों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि भूखंड खरीदने से पहले महायोजना में भूमि का भू-उपयोग अवश्य जांचें और केवल स्वीकृत कॉलोनियों में ही निवेश करें। साथ ही डेवलपर से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त कर उसे रजिस्ट्री का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की जानकारी या संदेह की स्थिति में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया है।
शहरों के सुनियोजित विकास और आम नागरिकों को अवैध कॉलोनियों से बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई आवश्यक है। प्राधिकरण ने लोगों से भूखंड खरीदने से पहले भू-उपयोग, स्वीकृत नक्शा और कॉलोनी की वैधता की जांच करने की अपील भी की है।
हालांकि, इस कार्रवाई के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान पूरी तरह निष्पक्ष और समान होना चाहिए। यदि छोटे डेवलपर्स और सामान्य लोगों पर कार्रवाई हो रही है तो उन बड़े भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों पर भी समान कठोरता से कार्रवाई होनी चाहिए, जिन पर राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं।
जनता का मानना है कि कानून का सम्मान तभी बढ़ेगा जब कार्रवाई बिना भेदभाव के सभी अवैध कॉलोनियों और कब्जों पर समान रूप से लागू होगी। इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर विश्वास और मजबूत होगा।
