रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर। उत्तराखण्ड के लिए गर्व का क्षण तब आया जब रुद्रपुर के युवा निशानेबाज धैर्य डांगी का चयन भारत की पहली स्कूल शूटिंग प्रीमियर लीग (School Shooting Premier League-SSPL) के 10 मीटर एयर पिस्टल अंडर-19 वर्ग में हुआ। सबसे बड़ी बात यह रही कि धैर्य इस प्रतिष्ठित लीग में चयनित होने वाले उत्तराखण्ड के एकमात्र खिलाड़ी हैं। नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 21 जुलाई की रात आयोजित भव्य ऑक्शन में मुंबई टाइटन्स फ्रेंचाइज़ी ने उन पर सबसे अधिक बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
यह उपलब्धि केवल धैर्य डांगी की व्यक्तिगत सफलता के साथ साथ उत्तराखण्ड में शूटिंग खेल के बढ़ते स्तर और युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा का भी प्रमाण है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस चयन से राज्य के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।
भारत में पहली बार आयोजित की जा रही स्कूल शूटिंग प्रीमियर लीग का उद्देश्य स्कूली स्तर के प्रतिभाशाली निशानेबाजों को एक पेशेवर मंच उपलब्ध कराना है। इस लीग में देशभर की आठ प्रमुख फ्रेंचाइज़ी टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें मुंबई टाइटन्स, यूपी लेजेंड्स, हरियाणा डिफेंडर्स, जयपुर रॉयल्स, ओडिशा हॉक्स, बेंगलुरु बुल्स आई, बंगाल नाइट्स और दिल्ली हीरोज शामिल हैं। क्रिकेट की तर्ज पर आयोजित इस लीग में खिलाड़ियों का चयन ऑक्शन के माध्यम से किया गया, जिससे प्रतियोगिता को और अधिक आकर्षक तथा प्रतिस्पर्धी बनाया गया।
इस लीग के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन रही। अक्टूबर 2025 से देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में चयन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में हजारों उभरते हुए खिलाड़ियों ने भाग लिया, लेकिन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक वर्ग में पूरे देश से केवल 25 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया गया। इसके बाद आयोजित ऑक्शन में प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को इन खिलाड़ियों में से दो-दो खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने का अवसर मिला। ऐसे कड़े मुकाबले में धैर्य डांगी का चयन उनकी प्रतिभा, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और बेहतरीन प्रदर्शन का परिचायक है।
धैर्य डांगी विद्यालय परिसर में स्थापित आधुनिक शूटिंग रेंज में वे नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई गई विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और सकारात्मक खेल वातावरण ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। धैर्य की सफलता यह भी दर्शाती है कि यदि खिलाड़ियों को उचित संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो छोटे शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।
धैर्य इससे पहले भी कई राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने अनेक पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में मई 2026 में आयोजित इंटर डीपीएस राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने 400 में से 392 अंक अर्जित कर नया रिकॉर्ड बनाया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के साथ-साथ टीम स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें देश के उभरते हुए युवा निशानेबाजों की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया।
धैर्य की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान है। उनकी माता और बहन दोनों राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज हैं और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुकी हैं। घर का खेलमय वातावरण और परिवार का लगातार प्रोत्साहन धैर्य के आत्मविश्वास को मजबूत करता रहा है। उनके पिता भरत सिंह डांगी, जो वर्तमान में सिंचाई विभाग, रुद्रपुर में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, ने बचपन से ही उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाए रखते हुए धैर्य को हर स्तर पर सहयोग दिया।
धैर्य की इस उपलब्धि के पीछे उनके प्रशिक्षक नकुल चौधरी का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके तकनीकी मार्गदर्शन, सूक्ष्म प्रशिक्षण, मानसिक तैयारी और नियमित अभ्यास ने धैर्य के प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाया। प्रशिक्षक ने उनकी तकनीक को निखारने के साथ-साथ प्रतियोगिताओं के दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित की। धैर्य और उनके परिवार ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रशिक्षक के समर्पित प्रयासों को भी दिया है।
विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को आधुनिक शूटिंग रेंज, उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है। विद्यालय का मानना है कि शिक्षा के साथ खेलों में उत्कृष्टता भी विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धैर्य की सफलता इसी सोच का परिणाम है।
विद्यालय प्रबंधन ने धैर्य डांगी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि धैर्य आगामी स्कूल शूटिंग प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड और देश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
धैर्य डांगी के चयन की खबर सामने आने के बाद खेल प्रेमियों, शिक्षकों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और जनपदवासियों में उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं। स्थानीय खेल संगठनों ने इसे उत्तराखण्ड के शूटिंग खेल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पहली बार आयोजित हो रही यह लीग शूटिंग खेल को नई पहचान देने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अवसर भी प्रदान करेगी। पेशेवर फ्रेंचाइज़ी मॉडल, अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। ऐसे में धैर्य डांगी का इस लीग का हिस्सा बनना उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
उत्तराखण्ड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि राज्य से केवल एक खिलाड़ी का चयन हुआ है। इससे यह संदेश जाता है कि प्रतिभा किसी बड़े महानगर की मोहताज नहीं होती। मेहनत, अनुशासन, परिवार का सहयोग, योग्य प्रशिक्षक और बेहतर सुविधाएं मिलें तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
अब पूरे उत्तराखण्ड की निगाहें स्कूल शूटिंग प्रीमियर लीग पर टिकी हैं, जहां रुद्रपुर के होनहार निशानेबाज धैर्य डांगी से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि वे अपनी वर्तमान लय को बरकरार रखते हैं तो आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
