न्यायकारी गोल्ज्यू महाराज के दरबार में यूकेडी की हुंकार, घोड़ाखाल से जनसंघर्ष के नए चरण का होगा आगाज

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नैनीताल, 14 जुलाई। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, अन्याय, बेरोज़गारी, पलायन और पहाड़ के लोगों के साथ हो रहे कथित शोषण के खिलाफ अब जनआंदोलन को नई दिशा देने जा रहा है। इसी कड़ी में पार्टी ने न्याय के देवता माने जाने वाले घोड़ाखाल स्थित गोलू देवता मंदिर से अपने जनसंपर्क अभियान और जनसंघर्ष के नए चरण की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। यूकेडी कार्यकर्ता गोलू देवता के दरबार में प्रदेशवासियों के न्याय, सम्मान, पारदर्शी व्यवस्था और जनहित की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना करेंगे।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


यूकेडी के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का कार्यक्रम भर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और जनाधिकारों की रक्षा का संकल्प भी है। पार्टी का कहना है कि वर्षों से प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बेरोज़गारी, पलायन, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां, भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे लगातार गहराते जा रहे हैं। जनता की आवाज़ को पर्याप्त महत्व न मिलने से लोगों में निराशा बढ़ी है। ऐसे समय में न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के दरबार से जनजागरण का संदेश दिया जाएगा।
इस अवसर पर भीमताल विधानसभा से यूकेडी के विधायक प्रत्याशी नीरज बिष्ट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी घोड़ाखाल स्थित गोलू देवता मंदिर पहुंचेंगे। सभी कार्यकर्ता प्रदेश में न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के हितों की रक्षा और उत्तराखंड के समग्र विकास की कामना करेंगे।
कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रांति दल के अनेक वरिष्ठ और युवा पदाधिकारी अपनी भागीदारी निभाएंगे। इनमें केंद्रीय संगठन मंत्री (युवा उक्रांद), कुमाऊं मंडल संयोजक गौरव जोशी, जिला अध्यक्ष युवा उक्रांद कुलदीप बोहरा, जिला अध्यक्ष प्रताप चौहान, केंद्रीय संगठन मंत्री भुवन बिष्ट, भीमताल विधानसभा से विधायक प्रत्याशी नीरज बिष्ट, जिला संगठन मंत्री यतेंद्र बिष्ट, ज्योति दानू, गंगा मेहरा, कपिल मेहता, धनंजय मेर, रवि कन्याल, सुजल पंवार, सोनू नागदली, राजीव लोचन, रोहित जीना, करण चौसाली, कमल कालूरा, करण पंत, हर्षित, लोकेश वर्मा (भीमताल), हरीश अधिकारी (भीमताल विधानसभा अध्यक्ष), प्रमोद सती, विक्रम बिष्ट तथा अंकित सहित जिला नैनीताल के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
यूकेडी नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड राज्य का गठन जनता की आकांक्षाओं और लंबे संघर्ष का परिणाम था। राज्य बनने के बाद लोगों ने रोजगार, बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं और संतुलित विकास की उम्मीद की थी। समय के साथ इन उम्मीदों पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ सके। पहाड़ों से लगातार पलायन हो रहा है, युवा रोजगार की तलाश में प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पार्टी का मानना है कि जनता के अधिकारों की रक्षा और उत्तराखंड की मूल भावना को मजबूत करने के लिए जनभागीदारी आधारित आंदोलन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से गोलू देवता के दरबार में न्याय की गुहार लगाते हुए जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की जा रही है। पार्टी का विश्वास है कि न्याय के देवता के आशीर्वाद से प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन की नई शुरुआत होगी।
भीमताल विधानसभा से विधायक प्रत्याशी नीरज बिष्ट ने कहा कि गोलू देवता उत्तराखंड की लोकआस्था के प्रमुख केंद्र हैं और न्याय के प्रतीक माने जाते हैं। प्रदेश में व्याप्त विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान तथा जनता की आवाज़ को मजबूती देने के लिए कार्यकर्ता मंदिर में सामूहिक प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कहा कि यूकेडी जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और जनहित के सवालों पर संघर्ष जारी रखेगी।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घोड़ाखाल से शुरू होने वाला जनसंपर्क अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर लोगों से संवाद स्थापित करेगा। युवाओं, महिलाओं, किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को सुनकर उन्हें पार्टी के जनसंघर्ष का हिस्सा बनाया जाएगा।
उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे न्याय, पारदर्शिता, ईमानदार व्यवस्था और उत्तराखंड के स्वाभिमान की इस मुहिम में सहभागी बनें। पार्टी का कहना है कि उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और जनहित सर्वोपरि हैं तथा इन्हीं मूल्यों को लेकर संगठन आगे बढ़ रहा है।
घोड़ाखाल स्थित गोलू देवता मंदिर में होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक चेतना और राजनीतिक संकल्प का संगम माना जा रहा है। यूकेडी को उम्मीद है कि न्याय के देवता के आशीर्वाद से प्रदेश में जनहित, पारदर्शिता और उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए शुरू होने वाला यह अभियान व्यापक जनसमर्थन प्राप्त करेगा।


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