दीपके ने प्रदर्शनकारियों से माफी मांगते हुए कुछ घंटों के लिए आराम की बात कही। दीपके ने बताया कि उन्हें बुखार है और शरीर में बहुत ज्यादा दर्द भी। इससे पहले दीपके को मंगलवार रात उल्टी करते हुए भी देखा गया था। मंच पर उन्हें एक बार चक्कर भी आ गया था।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
अभिजीत दीपके 20 जून से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अमेरिका से दिल्ली में लैंड होते ही जो उनकी दौड़-भाग शुरू हुई, उसमें उन्हें आराम का मौका नहीं मिला है। जंतर-मंतर पर दिन-रात इतनी भीड़ और शोर-शराबे के बीच आंदोलन के प्रबंधन, नेताओं से मुलाकात, आगे की रणनीति, पुलिस-प्रशासन और सरकार से टकराव… अभिजीत दीपके के शरीर पर अत्यधिक भार पड़ना स्वभाविक है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई बार शारीरिक दिक्कत हुई है। लेकिन वह दवाओं के सहारे बर्दाश्त करते रहे। गुरुवार को जब बर्दाश्त नहीं कर पाए तो उन्होंने एक्स पर समर्थकों को इसकी जानकारी दी और आराम की इजाजत मांगी।
अभिजीत दीपेक ने क्या कहा
दीपके ने एक्स पर लिखा, ‘मुझे बुखार है। पिछले कुछ दिनों से शरीर में बहुत ज्यादा दर्द भी है। मैं पेनकिलर खाकर किसी तरह जोर लगा रहा था। यदि आज आप मुझे जंतर-मंतर पर ना देखें तो माफ करना। मुझे कुछ घंटे आराम करने और रिकवर करने की जरूरत है। मैं शाम तक प्रदर्शनस्थल पर लौट आऊंगा।’
आशुतोष रांका ने कहा था- फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या
अभिजीत दीपके को हुई उल्टी के बाद जब सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका से मीडियाकर्मियों ने सवाल किया तो उन्होंने फूड प्वॉइजनिंग की बात कही थी। रांका ने कहा था कि दीपके को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई है। उन्हें संभवत: फूड प्वॉइजनिंग हो गई है। रांका ने यह भी कहा था कि उनके खाने-पीने पर अब विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने यह डर भी जाहिर किया था कि कोई जानबूझकर भी उन्हें खराब खाना खिला सकता है।
अभिजीत दीपके ने 2 दिन किया था अनशन
अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उटाए जाने के बाद भूख हड़ताल की भी शुरुआत की थी। हालांकि, दो दिन की भूख हड़ताल उन्होंने रविवार को संसद मार्च शुरू होने के बाद ही खत्म कर दी थी। इससे पहले दीपके ने कहा था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है और इसलिए वह अधिक देर तक भूखे नहीं रह सकते हैं।
