रुद्रपुर गैंगरेप कांड: कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल, पुलिस ने तेज की आरोपियों की तलाश

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रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जनपद मुख्यालय रुद्रपुर में सामने आई कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, देर रात सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस निगरानी और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कई पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, जबकि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में किराये पर रहने वाली एक युवती शनिवार देर शाम अपने कुछ मित्रों के साथ बाइक से घूमने निकली थी। बताया जा रहा है कि जब वे लोग भूरारानी गेट के समीप पहुंचे, तभी एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने युवती और उसके साथ मौजूद एक युवक को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें अज्ञात स्थान की ओर ले जाने लगे।
रास्ते में मौका मिलते ही एक युवक और एक युवती बाइक से छलांग लगाकर भागने में सफल हो गए, लेकिन मुख्य पीड़िता और उसके एक साथी को आरोपी अपने साथ ले गए। आरोप है कि कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथी का मोबाइल फोन छीन लिया और उसे जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। इसके बाद आरोपी युवती को काशीपुर रोड स्थित भगवानपुर क्षेत्र के फ्लाईओवर के आसपास किसी सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया।
उधर पीड़िता के साथी ने किसी तरह कोतवाली पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और रातभर युवती की तलाश में संभावित स्थानों पर खोजबीन करती रही। हालांकि रात में कोई सफलता नहीं मिल सकी। रविवार सुबह युवती मेट्रोपॉलिस अंडरपास के पास गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान अवस्था में मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने संरक्षण में लेकर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया।
जिला अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल से लेकर फ्लाईओवर और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति स्वयं रुद्रपुर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उसका हाल जाना और भरोसा दिलाया कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़िता की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विभिन्न पुलिस टीमें संभावित संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की सहायता से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि भूरारानी गेट क्षेत्र में देर रात तक शराबियों, नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां शराब का ठेका होने के कारण आसपास कई होटल और कैंटीन संचालित हैं, जहां देर रात तक लोगों की भीड़ बनी रहती है। कई लोग सड़क किनारे वाहनों में बैठकर शराब का सेवन करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की गश्ती गाड़ियां क्षेत्र से गुजरती तो हैं, लेकिन असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। समय-समय पर चालान की कार्रवाई होने के बावजूद नशेड़ियों और अराजक तत्वों की मौजूदगी बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र में नियमित और सघन पुलिस निगरानी होती, तो संभव है कि ऐसी गंभीर घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता।
महिला सुरक्षा को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि शहर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत करने तथा देर रात सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही होटल, ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों की नियमित जांच भी जरूरी है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। शहरवासियों की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।


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