प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के पिता के नाम में विसंगति के चलते उन्हें नोटिस मिला, जिसका निस्तारण उन्होंने बीएलओ को दस्तावेज सौंपकर किया। उनके पिता के नाम की वर्तनी में गड़बड़ी सामने आई थी। इसके अलावा कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, काशीपुर एसडीएम अभय प्रताप सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंग्वाल और एपीडी विम्मी जोशी को भी नाम व पते में त्रुटियों के निवारण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
विशिष्ट नागरिक और अन्य प्रमुख हस्तियां
सोनीपत सांसद व हरिद्वार से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी और पौड़ी के प्रसिद्ध साहित्यकार नरेंद्र कठैत का नाम वोटर लिस्ट से कटने पर उन्हें भी नोटिस जारी किए गए हैं। विधानसभा चुनाव में बदरीनाथ से प्रत्याशी रहे नवल किशोर खाली, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मुन्नी तिवारी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा को भी सुनवाई व अभिलेख सत्यापन के लिए नोटिस दिए गए हैं।
कई नेताओं के परिजनों के नामों में भी विसंगति
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र संजीव आर्य व पुत्रवधू, यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष शिव शंकर भाटिया व उनकी पत्नी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज (अल्मोड़ा), पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला गहतोड़ी (चम्पावत), भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा (हरिद्वार) और यूथ कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर समेत कई दलीय पदाधिकारियों को नाम या पते की विसंगतियों पर नोटिस मिले हैं।
कुमाऊं कमिश्नर को भी दिया नोटिस, दस्तावेज जमा कराए
नैनीताल जिले में नैनीताल विधायक समेत कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को भी नोटिस जारी हुए हैं । इन सभी ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए संबंधित बीएलओ को नोटिस से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, ताकि मतदाता सूची से उनका नाम न हटे| कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम केवल ‘दीपक’ अंकित है| अब उन्होंने नाम ‘दीपक रावत’ कराने के लिए संबंधित बीएलओ को अपने दस्तावेज दिए हैं| उन्होंने नोटिस प्राप्त करने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे नोटिस से घबराने के बजाय अपने बीएलओ को त्रुटि से संबंधित दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में रहे।
सीईओ ने नोटिस मिलने पर जमा कराए दस्तावेज
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के पिता के नाम में विसंगति के चलते उन्हें नोटिस मिला, जिसका निस्तारण उन्होंने बीएलओ को दस्तावेज सौंपकर किया। उनके पिता के नाम की वर्तनी में गड़बड़ी सामने आई थी। इसके अलावा काशीपुर एसडीएम अभय प्रताप सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंग्वाल और एपीडी विम्मी जोशी को भी नाम व पते में त्रुटियों के निवारण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
विशिष्ट नागरिक और अन्य प्रमुख हस्तियां
एक परिवार, कोई लिख रहा हरबंस, कोई हरवंश
विधायक सविता कपूर (विवाह पूर्व नाम संशोधन), रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ (नाम में ‘काऊ’ जोड़ने के लिए), नैनीताल विधायक सरिता आर्या (पता सुधार), खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी और उनके परिवार को नोटिस मिले हैं। वहीं पूर्व विधायकों में स्व. हरबंश कपूर के पारिवारिक सदस्यों को हरबंस और हरवंश के फेर में नोटिस प्राप्त हुए हैं। पूर्व विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल के भाई संजय ठुकराल और किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ की पत्नी को नोटिस जारी हुए हैं।
अब तक 19 लाख लोगों को जारी किए जा चुके नोटिस
एसआईआर के तहत 24 लाख के सापेक्ष 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म-6 के 93 हजार, फार्म-7 के 1 लाख 39 हजार व फार्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर एसआईआर पर चर्चा की। सीईओ ने बताया कि एक मतदाता की ओर से अधिकतम पांच मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। अगर किसी क्षेत्र में इससे इतर मामले आते हैं, तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वयं अपने स्तर पर जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई करेंगे। साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स एक दिन में अधिकतम 10 फार्म प्रस्तुत कर सकते हैं। पुनरीक्षण की अवधि में 30 फार्म प्रस्तुत करने पर ईआरओ की ओर से स्वयं अपने स्तर से जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई की जाएगी।
बुजुर्ग-दिव्यांगों के घर पर ही नोटिस का निस्तारण
एसआईआर प्रक्रिया के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर ही नोटिसों की सुनवाई और निस्तारण होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमाऊं व गढ़वाल के मंडलायुक्तों और सभी जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में ये निर्देश दिए।
फर्जी शिकायतों के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई
एसआईआर में फर्जी शिकायतों का मुद्दा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष उठाया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन फर्जी शिकायतों पर वैध नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने झूठी शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की। धस्माना ने मंगलौर का उदाहरण देते हुए कहा कि अज्ञात शिकायतों के आधार पर वैध मतदाताओं को नोटिस थमाए जा रहे हैं।
