रुद्रपुर देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड की पारंपरिक सौर (सूर्य) गणना के अनुसार आज, 10 अगस्त को सावन मास का अंतिम और मुख्य सोमवार मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर सुबह से ही प्रदेश के सभी प्रमुख शिवालयों और सिद्धपीठों में जल चढ़ाने और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
क्यों है आज आखिरी सोमवार?
उत्तराखंड की ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार, महीनों का निर्धारण सूर्य की संक्रांति से होता है। इस वर्ष सावन (श्रावण) का महीना बीती 16 जुलाई को कर्क संक्रांति से शुरू हुआ था, जो आगामी 17 अगस्त को सिंह संक्रांति के साथ समाप्त हो जाएगा। चूंकि अगले सोमवार (17 अगस्त) को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे और भाद्रपद (भादो) का महीना शुरू हो जाएगा, इसलिए सूर्य गणना पद्धति को मानने वाले परिवारों और ज्योतिषियों के अनुसार आज 10 अगस्त ही सावन का आखिरी और चौथा सोमवार है।
सोम प्रदोष का दुर्लभ संयोग
ज्योतिषियों के अनुसार आज सावन के आखिरी सोमवार के साथ ‘सोम प्रदोष व्रत’ का भी बेहद दुर्लभ संयोग बना है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को दोगुना फल प्राप्त होता है।
प्रमुख मंदिरों में सुबह से लगी लाइनें
पहाड़ के जागेश्वर धाम, बागनाथ मंदिर, टपकेश्वर महादेव, बैजनाथ धाम और हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव सहित तमाम शिवालयों में तड़के 4 बजे से ही भक्तों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरी देवभूमि गूंज उठी है। श्रद्धालु पारंपरिक रूप से भगवान शिव का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक कर रहे हैं।
