हरिद्वार से सीधा प्रसारण: सावन के पावन सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, घर बैठे दिव्य गंगा आरती का लाभ उठा रहे श्रद्धालु
हरिद्वार, 10 अगस्त 2026।
आज सावन के पवित्र सोमवार के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार के विश्वप्रसिद्ध हर की पैड़ी घाट से दिव्य एवं भव्य गंगा आरती का सीधा (लाइव) प्रसारण किया जा रहा है। सावन का महीना और उसमें भी सोमवार का दिन सनातन धर्म में देवों के देव महादेव और पतित पाविनी मां गंगा की आराधना के लिए परम फलदायी माना गया है।
हरिद्वार से मात्र 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आज इस डिजिटल माध्यम के जरिए घर बैठे गंगा आरती के अलौकिक दर्शन का पुण्य लाभ उठा रहे हैं।
दिव्य रौशनी और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुई धर्मनगरी
संध्याकाल होते ही हर की पैड़ी घाट शंखनाद, डमरू की ध्वनि और वेदोक्त मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। सैकड़ों दीपकों की महाआरती की दिव्य आभा जब गंगा जी की लहरों पर प्रतिबिंबित हुई, तो साक्षात स्वर्ग सा नजारा धरती पर उतर आया। आज के इस सावन सोमवार 2026: भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और मन को शांति दें
लाइव प्रसारण का मुख्य उद्देश्य उन करोड़ों श्रद्धालुओं तक मां गंगा का आशीर्वाद पहुंचाना है, जो किसी कारणवश सावन के इस पावन मोड़ पर भौतिक रूप से हरिद्वार उपस्थित नहीं हो सके हैं।
आध्यात्मिक महत्व
मान्यता है कि सावन के सोमवार को मां गंगा के दर्शन और उनकी आरती के श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी कायिक, वाचिक और मानसिक पापों का शमन हो जाता है। हरिद्वार और देहरादून के इस समीपी क्षेत्र में अध्यात्म की यह अविरल धारा आज तकनीक के माध्यम से हर घर को मंदिर बना रही है। हर की पैड़ी पर उमड़ी शिवभक्तों और गंगाभक्तों की भारी भीड़ ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय मां गंगे’ के उद्घोष से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रही है।
आप भी इस सीधे प्रसारण से जुड़कर मां गंगा की पावन आरती का दर्शन करें, आरती की लौ को नमन करें और अपने जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करें।
विशेष रूप से सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व अत्यधिक होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से शिव मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
सावन सोमवार पर जाप करें भगवान शिव के ये 3 मंत्र
यदि आप सावन सोमवार को शिव की आराधना को विशेष बनाना चाहते हैं, तो इन तीन मंत्रों का जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विभिन्न मंत्रों का जाप अलग-अलग उद्देश्यों और भावनाओं के साथ किया जाता है।
1. महामृत्युंजय मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव के प्रमुख मंत्रों में से एक है। मान्यता है कि इसके जाप से भय और चिंता से मुक्ति मिलती है। यदि परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो, तो इस मंत्र का जाप उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ किया जाता है।
मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
2. पंचाक्षरी मंत्र
ॐ नमः शिवाय भगवान शिव का एक सरल और लोकप्रिय मंत्र है, जिसे पंचाक्षरी मंत्र भी कहा जाता है। सावन सोमवार को रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। नियमित जाप से मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव बनाए रखने में मदद मिलती है।
3. शिव गायत्री मंत्र
यदि मन में उलझन बनी रहती है या किसी काम को लेकर असमंजस महसूस होता है, तो शिव गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका जाप एकाग्रता बढ़ाने और सही दिशा में सोचने के लिए किया जाता है।
मंत्र:
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
मंत्र जाप करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
सावन सोमवार को सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा के लिए साफ-सुथरी जगह चुनें। शांत वातावरण में बैठकर भगवान शिव का ध्यान करें। पूजा के दौरान पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है।
शिव आराधना के समय घी का दीपक जलाना और रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करना लाभकारी होता है। जाप पूरा करने के बाद भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध और धतूरा आदि अर्पित करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा के दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ अपनी मनोकामना भगवान शिव के सामने रखें।
