ईडी की टीमें आजम खान के वित्तीय लेनदेन, वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध फंडिंग की जांच को लेकर ये छापेमारी कर रही है। ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीमों ने मुख्य रूप से आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के परिसरों में डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सरकारी ठेकों की रकम से जुड़ा है मामला
जांच का केंद्र सरकारी ठेकों से जुड़ी रकम के कथित डायवर्जन और उसके बाद इस धन के इस्तेमाल पर है। यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के जरिये दूसरी जगह लगाने और बाद में उनके इस्तेमाल (जिसमें यूनिवर्सिटी/ट्रस्ट के लिए संपत्ति बनाना भी शामिल है) से जुड़ी है। जांच में कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन का भी पता चला है। साथ ही, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फायदा उठाने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स ने फंड को ट्रस्ट/यूनिवर्सिटी की तरफ़ मोड़ दिया, जिसमें भारी डोनेशन और कंस्ट्रक्शन का काम शामिल है।
इस तलाशी का मकसद अपराध से हुई कमाई, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और डिजिटल सबूतों का पता लगाना है, जो सरकारी फंड को दूसरी जगह लगाने और उनके इस्तेमाल से जुड़े हैं।
2023 में पड़ा था आयकर छापा
गौरतलब है कि आजम खान और सहयोगियों के ठिकानों पर 2023 में भी इनकम टैक्स विभाग ने कर चोरी को लेकर छापेमारी की थी। उस समय हुई छापेमारी में यूपी और मध्य प्रदेश के 30 से अधिक ठिकानों पर जांच पड़ताड़ हुई थी। तीन दिनों तक चली इस कारवाई के तहत रामपुर स्थित आजम खान के आवास और जौहर यूनिवर्सिटी में कागजात खंगाले गए थे।
