जंतर-मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को लेकर जुटे प्रदर्शनकारी, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी

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नई दिल्ली, 21 अगस्त। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के आह्वान के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी और युवा जुटे। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव तथा आरक्षण को आर्थिक आधार से जोड़ने की मांग उठाई। आंदोलन से जुड़े लोगों ने ‘आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं’ और ‘भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण’ जैसे नारे लगाए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन, धरने या जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी भी पुलिस ने दी थी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने से संबंधित वायरल दावों को भ्रामक बताते हुए लोगों से अपुष्ट सूचनाएं साझा करने से बचने की अपील की थी।
रामलीला मैदान में 500 लोगों की अनुमति
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में अधिकतम 500 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह अनुमति 21 अगस्त को शाम 4 बजे तक के लिए थी और इसके तहत जुलूस अथवा किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन के लिए ठहराव की अनुमति नहीं थी।
इसके बावजूद जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शनकारियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थल को लेकर बातचीत की स्थिति भी सामने आई।
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में अवसरों का आधार आर्थिक स्थिति और योग्यता को बनाया जाना चाहिए। आंदोलन में शामिल युवाओं ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े नियमों को लेकर भी विरोध जताया और ‘UGC Roll Back’ जैसे नारे लगाए।
इस आंदोलन के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया गया था। कई सवर्ण संगठनों और कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भागीदारी का आह्वान किया था। इससे पहले विभिन्न स्थानों पर हुई बैठकों में 21 अगस्त को दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिए जाने की खबरें सामने आई थीं।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा का घेरा
प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। बैरिकेडिंग और जांच व्यवस्था के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। प्रशासन की प्राथमिकता हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की रही।
दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से संबंधित गलत अथवा भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी वीडियो, पोस्ट या संदेश को सत्यापित किए बिना आगे साझा न करें।
आरक्षण को लेकर बढ़ती बहस
जंतर-मंतर का यह घटनाक्रम आरक्षण व्यवस्था को लेकर देश में जारी व्यापक बहस को एक बार फिर सामने लाता है। एक ओर प्रदर्शनकारी आर्थिक आधार और योग्यता को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं, वहीं आरक्षण व्यवस्था के समर्थक इसे सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।
फिलहाल दिल्ली में प्रशासन की चुनौती प्रदर्शनकारियों की मांगों और अभिव्यक्ति के अधिकार के साथ-साथ निर्धारित कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की है। जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ के बाद राजधानी में इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा भी तेज हो गई है।


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