रुद्रपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तराखंड की सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा बनकर सामने आया है। अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के आधार पर
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
रुद्रपुर विधानसभा में अब कुल 1,73,171 मतदाता दर्ज हैं। इस उपलब्धि को लेकर विधायक शिव अरोरा ने सोमवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की और निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन तंत्र, BLO, भाजपा के BLA-1 एवं BLA-2 तथा पार्टी के वरिष्ठ और बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और वास्तविक स्वरूप देने के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बूथ स्तर पर काम करने वाले सभी लोगों ने जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि अंतिम सूची के आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद भी रुद्रपुर प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाली विधानसभा है।
2022 में दूसरे स्थान पर था रुद्रपुर
शिव अरोरा ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,92,723 मतदाता थे। इनमें 1,01,967 पुरुष, 90,750 महिलाएं और छह तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे। उस समय रुद्रपुर प्रदेश में सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा के मामले में दूसरे स्थान पर था।
उन्होंने बताया कि SIR के बाद 3 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार रुद्रपुर विधानसभा में कुल 1,73,171 मतदाता हैं। इनमें 90,479 पुरुष, 82,689 महिला और तीन थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार 2022 की तुलना में कुल मतदाताओं की संख्या में 19,552 की कमी हुई है। इसके बावजूद रुद्रपुर प्रदेश की सभी विधानसभाओं में मतदाताओं की संख्या के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
कालाढूंगी से 7,741 अधिक मतदाता
विधायक के अनुसार SIR के बाद शीर्ष विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों में रुद्रपुर 1,73,171 मतदाताओं के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद कालाढूंगी में 1,65,430, सहसपुर में 1,60,507, धर्मपुर में 1,50,400, डोईवाला में 1,46,980, रायपुर में 1,38,164, काशीपुर में 1,35,989, खानपुर में 1,35,727, भेल रानीपुर में 1,31,908 और ऋषिकेश में 1,25,553 मतदाता दर्ज हैं।
शिव अरोरा ने कहा कि रुद्रपुर के बाद दूसरे स्थान पर मौजूद कालाढूंगी की तुलना में भी रुद्रपुर में 7,741 अधिक मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा बताता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद भी रुद्रपुर प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा के रूप में सामने आई है।
“50 हजार वोट कटने का सपना देखने वालों के मंसूबों पर फिरा पानी”
SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिव अरोरा ने कहा कि विपक्ष की ओर से मतदाताओं के बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने को लेकर भ्रम का माहौल बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ पूर्व जनप्रतिनिधि यह मानकर चल रहे थे कि SIR के बाद रुद्रपुर में करीब 50 हजार मतदाता कम हो जाएंगे और भाजपा कमजोर होगी, लेकिन अंतिम आंकड़ों ने इस दावे को गलत साबित कर दिया।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में मतदाताओं की संख्या में हुई कमी का बड़ा कारण ऐसे लोगों के नाम हटना है, जो अब यहां निवास नहीं करते, दूसरे स्थानों पर चले गए हैं, उनका निधन हो चुका है या जो लंबे समय से यहां मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे थे। उन्होंने कहा कि सिडकुल की स्थापना और रुद्रपुर के औद्योगिक विकास के बाद बड़ी संख्या में लोग यहां रोजगार के लिए आए थे। समय के साथ कई लोग वापस चले गए या दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो गए। ऐसे नामों की जांच कर उन्हें मतदाता सूची से हटाना शुद्धिकरण की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
आपत्तियों के बाद 2,309 नाम हटे, 2,675 नए मतदाता जुड़े
विधायक ने बताया कि आपत्तियों के परीक्षण के बाद 2,309 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि फॉर्म-6 और ट्रांसफर आदि की प्रक्रिया के माध्यम से 2,675 नए मतदाता जुड़े। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची में वही नाम रहने चाहिए जो संबंधित क्षेत्र में वास्तविक रूप से निवास करते हों और आवश्यक दस्तावेज व प्रक्रिया पूरी करते हों।
उन्होंने दोहरे मतदाता पंजीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर दर्ज है तो नियमानुसार ऐसे नामों की जांच कर एक स्थान से हटाया जाना आवश्यक है। उनके अनुसार इससे मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी शिव अरोरा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और देश में चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कराए जाते हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं, जबकि अन्य राज्यों में इसी संवैधानिक व्यवस्था को लेकर उसी तरह के सवाल नहीं उठाए जाते।
शिव अरोरा ने कहा कि जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सरकार चुनती है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है।
“जनता भाजपा पर जता रही विश्वास”
विधायक ने कांग्रेस की लगातार चुनावी पराजय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस के शासनकाल के भ्रष्टाचार और उसकी राजनीति से त्रस्त होकर भाजपा पर विश्वास जता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास मजबूत हुआ है और विपक्ष उनकी लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर विधानसभा भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जनता का विश्वास कायम है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में रुद्रपुर में एक बार फिर भाजपा का परचम लहराएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में शिव अरोरा ने निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन तंत्र, सभी BLO, भाजपा के BLA-1 और BLA-2, पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं तथा बूथ स्तर तक कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
इस दौरान दर्जामंत्री सुरेश कोली, पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, मंडल अध्यक्ष जगदीश विश्वास, धीरेश गुप्ता, गजेंद्र प्रजापति, मयंक कक्कड़, मनोज मदान, सुनील यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
