रुद्रपुर। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में वीबीजी राम जी (मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामोत्थान (रीप), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, ग्रामीण स्वच्छता, रूरल वेस्ट मैनेजमेंट, पुस्तकालय, सांसद निधि और विधायक निधि से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को वीबीजी राम जी के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। सांसद निधि और विधायक निधि से संचालित निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने को कहा।
उन्होंने पुस्तकालयों के संचालन से जुड़े अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराकर ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों का संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े का पृथकीकरण कर उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी स्थान पर कूड़ा जमा मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा कूड़ा संग्रहण वाहनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने मनरेगा में मानव दिवस बढ़ाने के साथ ही अमृत सरोवरों पर आजीविका से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने को कहा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्थापित ग्रोथ सेंटरों के सुचारु संचालन पर भी जोर दिया गया। उन्होंने सभी ग्रोथ सेंटरों को रीप परियोजना के सहयोग से संचालित करने के निर्देश दिए।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने और उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर को मजबूत करने के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। सीडीओ ने महाप्रबंधक उद्योग से समन्वय कर औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत कार्मिकों के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भोजन, फास्ट फूड आदि उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने को कहा। इससे समूह की महिलाओं के लिए आय के अतिरिक्त अवसर तैयार किए जा सकेंगे।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी, एपीडी रमा गोस्वामी, जिला थीमेटिक एक्सपर्ट सौरभ सक्सेना, विपिन राणा सहित विभिन्न खंड विकास अधिकारी, मनरेगा, एनआरएलएम और रीप परियोजना से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
