उत्तराखंड, शिवसेना सहकार सेना के संयोजक पद पर नियुक्त पूरन चंद्र भट्ट ने संगठन की ओर से जारी अनुशासनात्मक निर्देशों के बाद अपने पद के साथ-साथ शिवसेना की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। भट्ट ने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेजते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया है।
पूरन चंद्र भट्ट के अनुसार उन्हें सहकारिता विंग के माध्यम से पूरे प्रदेश में सहकारिता समितियों का गठन करने तथा किसानों, श्रमिकों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों और बेरोजगार युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय उन्हें प्रदेशभर में किसानों और लोगों को संगठन से जोड़ने की बात कही गई थी, जबकि बाद में जारी निर्देशों में शिवसेना के पुराने अथवा वर्तमान पदाधिकारियों को सहकार सेना में शामिल नहीं करने को कहा गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
संगठन की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया था कि सहकारिता विंग का विस्तार करना ही भट्ट की जिम्मेदारी है और शिवसेना के किसी पदाधिकारी को किसी बड़े पद या दायित्व का प्रलोभन देकर संगठन से अलग करने की अनुमति नहीं होगी। निर्देश में यह भी कहा गया था कि संगठन के विरुद्ध किसी भी अनैतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर नियुक्ति पत्र रद्द किया जा सकता है।
इसके बाद भट्ट ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे त्यागपत्र में कहा कि ऐसी बंधनकारी व्यवस्था में संगठन का विस्तार करना संभव नहीं है। उन्होंने नियुक्ति के समय दिए गए निर्देश और बाद में जारी आदेशों के बीच विरोधाभास का उल्लेख करते हुए कहा कि वे ऐसी कार्यप्रणाली में काम नहीं कर सकते, जहां कार्यकर्ता को सम्मान के स्थान पर केवल चेतावनी दी जाए।
भट्ट ने अपने त्यागपत्र में स्पष्ट रूप से शिवसेना सहकार सेना के संयोजक पद को अस्वीकार करने तथा शिवसेना की साधारण सदस्यता से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर उन्हें कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है।
इससे पहले 18 सितंबर को भट्ट ने हरिद्वार में शिवसेना की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष यशोदा अग्रवाल से मुलाकात कर सहकार सेना के संगठन विस्तार को लेकर चर्चा की थी। उन्होंने जल्द ही हरिद्वार में बैठक आयोजित कर संगठन की कार्यकारिणी के विस्तार की बात भी कही थी। उनके अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पुजारी भी अपने सहयोगियों के साथ सहकार सेना से जुड़ने वाले थे।
अब भट्ट के इस्तीफे के बाद शिवसेना सहकार सेना के प्रस्तावित प्रदेशव्यापी विस्तार और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर नई स्थिति सामने आई है।
