पेंशनर्स की अनदेखी न करे सरकार, मांगें पूरी नहीं हुईं तो चुनाव में दिखेगा असर

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रुद्रपुर में उत्तराखंड गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की बैठक, सात प्रस्ताव पारित
रुद्रपुर, 20 सितंबर। उत्तराखंड गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन जनपद उधम सिंह नगर की बैठक रविवार को नगर निगम सभागार रुद्रपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीएल साह ने की, जबकि संचालन संगठन के महासचिव एसके नैय्यर ने किया। बैठक में जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज और खटीमा सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए।
महासचिव एसके नैय्यर ने कहा कि सरकार पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी न करे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आबादी में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या करीब 11 प्रतिशत यानी लगभग 13 लाख है। इसके बावजूद उनकी लंबित मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अब अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर संगठित हो रहे हैं और यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो इसका राजनीतिक असर चुनाव में दिखाई दे सकता है।
नैय्यर ने कहा कि रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी पेंशनर्स की संख्या करीब सात हजार से अधिक है। यदि प्रत्येक पेंशनर के परिवार में औसतन चार सदस्य माने जाएं तो यह संख्या 28 हजार से अधिक हो जाती है। उन्होंने सरकार से पेंशनर्स की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
बैठक में सात प्रस्ताव पारित
बैठक में पेंशनर्स की मांगों को लेकर सात प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें उत्तराखंड शासन और सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।
पहला, राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में ओपीडी तथा भर्ती की स्थिति में पेंशनर्स को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
दूसरा, 18 माह से फ्रीज डीए एरियर का भुगतान किया जाए।
तीसरा, पेंशन में आयु के आधार पर बढ़ोतरी की व्यवस्था लागू की जाए। इसमें 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत और 80 वर्ष की आयु पर 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि की मांग की गई।
चौथा, अन्य प्रदेशों की तर्ज पर पेंशन राशिकरण (Commutation) की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह की जाए और इसके लिए शासनादेश जारी किया जाए।
पांचवां, जनपद के राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड धारकों को उपचार की सुविधा मिल रही है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए जिलाधिकारी अथवा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान हो सके।
छठा, राजकीय पेंशनर्स के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (SGHS) के अंतर्गत आहरण-वितरण अधिकारी के रूप में वरिष्ठ कोषाधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी अथवा कोषाधिकारी को नियुक्त किया जाए।
सातवां, उत्तर प्रदेश के शासनादेश की तर्ज पर 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए और इसके लिए जारी शासनादेश में आवश्यक संशोधन किया जाए।
ये रहे मौजूद
बैठक में बीएल साह, सीएस रावत, एसके नैय्यर, पूरन चंद्र जोशी, घनश्याम कांडपाल, पनवेश गुप्ता, विजय कुमार शर्मा, लीलांबर जोशी, प्रेम शंकर, चंद्र सिंह रावत, जमुना प्रसाद, भूपाल सिंह, पीडी जोशी, डॉ. आरसी जैन, पवन कुमार, मोहन सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह रावत, नवीन चंद्र पांडे, प्रभाकर तिवारी, सुरेंद्र सिंह, बीएस चौहान, राम प्रसाद, विद्या शर्मा, नेक चंद, मोहन लाल, कृष्ण वीर सिंह यादव, विजय पाल सिंह, आरके पवार, डीएस राठौर, वीके जोशी, डीबी सिंह, डॉ. आरसी जैन, डीके आर्या, एसपी यादव, देवेंद्र अवस्थी, भुवन चंद्र, जगदीश पाटनी, पीएस बिष्ट, जीएल ढुगराल, माला सिंह, प्रमोद चौधरी, पुरुषोत्तम गोल, सुबोध शर्मा, श्रीमती कलावती, जानकी पंत, आशा के सिंह सहित अन्य पेंशनर्स मौजूद रहे।


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