प्रभु श्रीराम को समर्पित होगी रुद्रपुर की पर्वतीय शैली की संगीतमयी रामलीला:पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को प्रथम निमंत्रण, पर्वतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को मिलेगा मंच

Spread the love


रुद्रपुर। प्रभु श्रीराम की भक्ति, पर्वतीय संस्कृति और लोक परंपरा को समर्पित रुद्रपुर में पहली बार पर्वतीय शैली में संगीतमयी श्री रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। पर्वतीय समाज समिति (पंजीकृत), रुद्रपुर के तत्वावधान में होने वाली इस रामलीला को लेकर समाज के लोगों में उत्साह का माहौल है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


रामलीला आयोजन की शुरुआत को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी सहित पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के आवास पर पहुंचकर उन्हें रामलीला का प्रथम निमंत्रण प्रदान किया। समिति की ओर से उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया और प्रभु श्रीराम की लीला में उपस्थित होकर आयोजन को आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य रामलीला के मंचन साथ साथ पर्वतीय समाज की संस्कृति, लोक परंपरा, संगीत और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। पर्वतीय शैली में संगीतमयी रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
22 अक्टूबर से होगा रामलीला का मंचन
समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार श्री रामलीला का मंचन 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार से प्रारंभ होगा। यह आयोजन पांच दिनों तक चलेगा। छठे दिन हवन-यज्ञ के बाद प्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन को लेकर ऑडिशन, तालीम और रिहर्सल की प्रक्रिया भी रखी गई है। समिति के अनुसार कलाकारों की तालीम एवं रिहर्सल प्लॉट नंबर-1, एस मोड़, हंस विहार फेस-2, रुद्रपुर में शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी।
आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारी एवं सहयोगी
रामलीला आयोजन को सफल बनाने में पर्वतीय समाज समिति के अनेक पदाधिकारी और सदस्य जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
समिति से जुड़े प्रमुख लोगों में गिरीश चंद्र जोशी, एच.बी. पांडेय, संजय अधिकारी, रमेश चंद्र ओली, रमेश चंद्र जोशी, किशन सिंह बिष्ट, शिवपाल सिंह भाकुनी, श्री कल्याण जी, सुरेंद्र कपकोटी, इंद्र सिंह रौतेला, मनोज पालीवाल, श्रीमती पुष्पा रावत, श्रीमती जानकी ओली, श्रीमती ममता नेगी, श्रीमती कमलेश पाठक, श्रीमती पुष्पा शर्मा तथा श्री नवीन खेतवाल शामिल हैं।
रामलीला के निर्देशन की जिम्मेदारी श्री लीलाधर पांडेय और श्री पी.सी. शर्मा को दी गई है। आयोजन की तैयारियों में समिति के अन्य सदस्य भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
पर्वतीय संस्कृति को जीवंत रखने की पहल
पर्वतीय समाज समिति का कहना है कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराएं समाज की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रुद्रपुर जैसे शहर में पर्वतीय शैली की रामलीला का आयोजन समाज की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समिति ने धर्मप्रेमी नागरिकों, अभिभावकों और रामभक्तों से रामलीला में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि प्रभु श्रीराम की लीला के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक एकता का संदेश
पर्वतीय शैली की इस रामलीला में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी देखने को मिलेगा। समिति का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लोग इस आयोजन से जुड़ें और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
समिति ने लोगों से तन-मन-धन से सहयोग, सानिध्य और आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया है। आयोजकों के अनुसार रामलीला का प्रत्येक पात्र और प्रत्येक प्रस्तुति प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन को समर्पित होगी।
प्रभु श्रीराम की भक्ति और पर्वतीय संस्कृति के इस संगम को लेकर अब रुद्रपुर में 22 अक्टूबर का इंतजार है। समिति को उम्मीद है कि शहर के धर्मप्रेमी और संस्कृति प्रेमी लोग इस आयोजन में सहभागी बनकर इसे यादगार बनाएंगे।


Spread the love