वर्तमान में सूर्य देव कन्या राशि में और शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं, जिससे यह शक्तिशाली योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पिता, आत्मा, अधिकार और सफलता का कारक माना जाता है, जबकि शनि को कर्म, अनुशासन और न्याय का प्रतीक माना गया है। परस्पर विरोधी स्वभाव वाले इन दो महाग्रहों के आमने-सामने आने से सभी 12 राशियों पर इसका मिला-जुला प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह समसप्तक योग कैसा रहेगा:
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंडअवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
मेष राशि
आपके लिए यह समय मिला-जुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन छठे और बारहवें भाव के प्रभाव से गुप्त शत्रुओं और सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा। व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें और किसी से भी बहस में पड़ने से बचें।
वृषभ राशि
पंचम और एकादश भाव में बनने वाला यह योग आपकी आय में सुधार ला सकता है। बौद्धिक क्षमता का लाभ मिलेगा और पुराने प्रयासों में सफलता मिलेगी। हालांकि, बच्चों की सेहत या पढ़ाई को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें।
मिथुन राशि
चतुर्थ और दशम भाव में सूर्य-शनि का प्रभाव आपके करियर में नए अवसर पैदा करेगा, लेकिन साथ ही काम का बोझ भी बढ़ाएगा। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बनाए रखें। माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और जायदाद से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें।
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कर्क राशि
तीसरे और नौवें भाव के प्रभाव से आपका पराक्रम बढ़ेगा। छोटी-मोटी यात्राओं के योग बनेंगे। हालांकि, भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें। छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में मधुरता बनाए रखें और कानूनी मामलों में लापरवाही न बरतें।
सिंह राशि
दूसरे और आठवें भाव में यह योग बनने से आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा। धन के लेन-देन में अत्यधिक सावधानी बरतें। अचानक धन लाभ या हानि दोनों की संभावनाएं बनी रहेंगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विशेषकर खान-पान और पेट से जुड़ी समस्याओं में।
कन्या राशि
आपकी अपनी राशि और सातवें भाव में यह समसप्तक योग बन रहा है। इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, लेकिन आपके स्वभाव में थोड़ा गुस्सा आ सकता है। वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी में धैर्य व समझदारी से काम लें ताकि बेवजह का तनाव न बढ़े।
तुला राशि
बारहवें और छठे भाव में यह योग बनने से आपके खर्चों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है। शत्रुओं पर आपकी विजय होगी और कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलेगी। फिर भी, अपनी सेहत और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखें, लापरवाही भारी पड़ सकती है।
वृश्चिक राशि
ग्यारहवें और पांचवें भाव के प्रभाव से आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय शुभ संकेत दे रहा है। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। हालांकि, शेयर बाजार या जोखिम भरे निवेश से बचें। विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने की आवश्यकता होगी।
धनु राशि
दसवें और चौथे भाव में यह योग आपके करियर में बड़े बदलाव या पदोन्नति की संभावना बनाता है। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अत्यधिक व्यस्तता के कारण आप परिवार को कम समय दे पाएंगे। घर की शांति बनाए रखने के लिए संयम से काम लें।
मकर राशि
नौवें और तीसरे भाव में बनने वाला यह योग आपके आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाएगा। यात्राओं से लाभ होगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि, पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और किसी भी नए काम की शुरुआत पूरी तैयारी के साथ करें।
कुंभ राशि
आठवें और दूसरे भाव के प्रभाव के कारण आपको धन से जुड़े फैसलों में बेहद सतर्क रहना होगा। संपत्ति या निवेश के मामलों में किसी अनुभवी की सलाह लें। वाहन सावधानी से चलाएं और परिजनों के साथ बातचीत करते समय संयम बनाए रखें।
मीन राशि
आपकी राशि और सातवें भाव के बीच यह प्रतियुति बन रही है। यह योग आपके व्यक्तिगत जीवन और साझेदारियों को सीधे प्रभावित करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बनाकर चलें और मानसिक तनाव से बचने के लिए योग व ध्यान का सहारा लें। कार्यक्षेत्र में ईमानदारी से किया गया प्रयास लाभ देगा।
उपाय:
सूर्य-शनि के इस समसप्तक योग के शुभ फल प्राप्त करने और प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने के लिए प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करें और शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
