सीमांत से सुगंधित खेती तक—उत्तराखंड में एक दिन में विकास, संस्कृति और कैबिनेट के बड़े फैसलों का संदेशबनबसा में पहली बार धामी कैबिनेट, 24 प्रस्तावों पर मुहर; बनबसा-टनकपुर के लिए चार घोषणाएं, खटीमा में आदि रंगोत्सव का भव्य आगाज और काशीपुर में एरोमा पार्क का निरीक्षण


देहरादून/चम्पावत/खटीमा/काशीपुर, 4 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में रविवार का दिन शासन, सीमांत विकास, जनजातीय संस्कृति, शिक्षा, रोजगार और कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चम्पावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के लिए चार बड़ी जनहित घोषणाएं की गईं। दूसरी ओर खटीमा में तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू और जुएल ओराम समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। काशीपुर में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एरोमा पार्क का स्थलीय निरीक्षण कर सुगंधित एवं औषधीय खेती को किसानों की आय से जोड़ने पर जोर दिया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में आयोजित कैबिनेट बैठक को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। सीमांत क्षेत्रों को उन्होंने देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण के तकनीकी परीक्षण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई गठित करने और छह पद स्वीकृत करने, वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने तथा लालकुआं में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को भी मंजूरी मिली। संपत्ति के क्रय-विक्रय में PAN Verification की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी देते हुए 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जबकि वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत रहेगी।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन, छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखने, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 19 के प्रावधान लागू करने तथा राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी मिली।
सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने, उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक-2026 विधानसभा में रखने तथा कुक्कुट आहार सब्सिडी को आधार सीडेड बैंक खाते के माध्यम से DBT से देने का निर्णय भी हुआ।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित किया गया। उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी मिली, जिससे लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। योजना पर पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन, नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026 तथा राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोन्स्ट्रेटर के वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों को देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा से जुड़ी ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई। बांस अथवा रिंगाल की खपच्चियों से तैयार यह पारंपरिक ढाल चम्पावत की लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है।
बनबसा-टनकपुर के लिए चार बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे तथा तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द करने की घोषणा की गई।
शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के तहत बनबसा और टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की घोषणा हुई। एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज टनकपुर के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने तथा बनबसा-टनकपुर शहरी निकायों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर कच्चे एवं अस्थायी भवनों में रहने वाले परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।
खटीमा में आदि रंगोत्सव का रंग
खटीमा में तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भव्य रोड शो के साथ आगाज हुआ। मुख्य चौराहे से नवीन सब्जी मंडी तक निकले रोड शो में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, सांसद अजय भट्ट और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। नागरिकों और सांस्कृतिक दलों ने पुष्पवर्षा, फूलमालाओं और पारंपरिक लोक नृत्यों से स्वागत किया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू और जुएल ओराम को पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट की। ‘हनुमान’ अंश फिल्म के कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के साथ थिरकते हुए ढोल भी बजाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि रंगोत्सव जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और गौरव का पर्व है। उन्होंने खटीमा के एकलव्य आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का आभार जताया तथा पिथौरागढ़ में एक और आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत प्रथम चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवास बनाए जा चुके हैं। बाजपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है तथा बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चार करोड़ रुपये की लागत वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण जल्द शुरू होगा। विद्यालय में 240 बालक और 240 बालिकाओं सहित 480 विद्यार्थियों को शिक्षा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी जनजातियों की सांस्कृतिक विविधता की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और आपदा एवं कठिन परिस्थितियों में किए गए कार्यों की प्रशंसा की तथा जनजातीय समाज की संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, राम सिंह केड़ा, भरत सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार, विधायक सरिता आर्या, राज्य मंत्री गीता राम गौड़, रणजीत सिंह नामधारी, विनय रुहेला, मोहनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, फरजाना बेगम, किशन सिंह किन्ना, उत्तम दत्ता, लीलावती राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेशचंद्र जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, डीएम नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
काशीपुर में एरोमा पार्क का निरीक्षण
इसी क्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने काशीपुर स्थित एरोमा पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पार्क में मिंट समेत सुगंधित फसलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों से वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली।
गणेश जोशी ने अधिकारियों को पार्क को किसानों के लिए अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। एरोमा पार्क उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-36’ सुगंधित खेती को नई दिशा देने वाली पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों और सुगंधित पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
निरीक्षण के दौरान सचिव कृषि एस.एन. पांडेय, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, निदेशक पारडी संस्थान डॉ. नृपेन्द्र चौहान, निदेशक कृषि दिनेश कुमार और निदेशक उद्यान आर.के. सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इस प्रकार 4 अक्टूबर को उत्तराखंड में बनबसा की कैबिनेट बैठक से लेकर खटीमा के जनजातीय रंगोत्सव और काशीपुर की सुगंधित खेती तक सरकार ने सीमांत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा, रोजगार, कृषि और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का संदेश दिया।