धान खरीद में देरी पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और हरमिंदर सिंह ढिल्लों ने उठाई आवाज, सरकार से तत्काल खरीद शुरू कराने की मांग


बारिश से फसल को नुकसान, मंडियों में परेशान किसान; राइस मिलर्स और कच्चे आढ़तियों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद में धान की सरकारी खरीद सुचारु रूप से शुरू नहीं होने और राइस मिलर्स तथा कच्चे आढ़तियों के बीच बने गतिरोध को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस मामले में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और उत्तराखंड किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरमिंदर सिंह ढिल्लों (लाडी) ने किसानों के हित में आवाज उठाते हुए सरकारी धान खरीद तत्काल शुरू कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इस संबंध में क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं मंडल, हल्द्वानी को ज्ञापन देकर मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने तथा खरीद व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड


ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार की ओर से धान की सरकारी खरीद चार अक्टूबर 2026 से शुरू किए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन नौ अक्टूबर तक ऊधम सिंह नगर जनपद की विभिन्न सरकारी मंडियों और क्रय केंद्रों पर खरीद की समुचित व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। इससे अपनी मेहनत से फसल तैयार करने वाले किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडियों में उपज लेकर पहुंच रहे किसान, खरीद का इंतजार
ज्ञापन के अनुसार धान की फसल तैयार होने के बाद किसान अपनी उपज लेकर मंडियों और सरकारी क्रय केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। किसानों को उम्मीद थी कि घोषित तिथि से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी और वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचकर अगली फसल की तैयारी तथा घरेलू जरूरतों के लिए धन की व्यवस्था कर सकेंगे। लेकिन खरीद प्रक्रिया में देरी के कारण किसानों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
नेताओं का कहना है कि धान की खरीद समय पर नहीं होने से किसानों को अपनी उपज रखने में परेशानी हो रही है। यदि खरीद व्यवस्था जल्द शुरू नहीं की गई तो किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए खरीद केंद्रों को तत्काल सक्रिय किया जाए और प्रक्रिया को बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाया जाए।
सात अक्टूबर की बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
ज्ञापन में सात अक्टूबर 2026 को कुमाऊं क्षेत्र में हुई भारी बारिश का भी उल्लेख किया गया है। बारिश के कारण खेतों में खड़ी तथा कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखी धान की फसल प्रभावित होने की बात कही गई है। मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए सरकारी खरीद में देरी एक अतिरिक्त समस्या बन गई है।
किसानों के सामने एक ओर बारिश से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है, तो दूसरी ओर सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार उनकी चिंता बढ़ा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में समय पर खरीद होना बेहद जरूरी बताया गया है। नेताओं ने कहा कि किसानों की बची हुई उपज को शीघ्र सरकारी केंद्रों पर खरीदने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें और अधिक आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
राइस मिलर्स और कच्चे आढ़तियों के विवाद का समाधान जरूरी
धान खरीद प्रभावित होने के पीछे राइस मिलर्स और कच्चे आढ़तियों के बीच जारी गतिरोध को भी महत्वपूर्ण कारण बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच समस्याओं का समाधान नहीं होने से सरकारी खरीद व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
हरमिंदर सिंह ढिल्लों और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने मांग की है कि सरकार तथा संबंधित विभाग किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस मामले में व्यावहारिक और लचीला रुख अपनाएं। राइस मिलर्स एवं कच्चे आढ़तियों की समस्याओं पर बातचीत कर उनका शीघ्र समाधान निकाला जाए, ताकि धान खरीद की प्रक्रिया बाधित न हो।
ज्ञापन में विशेष रूप से कच्चे आढ़तियों के माध्यम से धान खरीद तत्काल शुरू कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि आपसी गतिरोध का खामियाजा किसानों को नहीं भुगतना चाहिए। संबंधित विभागों को सभी पक्षों के साथ समन्वय बनाकर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे किसान समय पर अपनी उपज बेच सकें और सरकारी खरीद का लाभ प्राप्त कर सकें।
खाद्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
नौ अक्टूबर 2026 को दिए गए ज्ञापन में क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक से अनुरोध किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। ऊधम सिंह नगर जनपद के सभी संबंधित मंडियों और क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद तत्काल प्रभाव से सुचारु कराई जाए। इसके साथ ही राइस मिलर्स और कच्चे आढ़तियों के बीच जारी गतिरोध को दूर कर खरीद व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।
नेताओं ने कहा कि धान की फसल किसानों की सालभर की मेहनत और उनकी आय का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में खरीद में देरी, बारिश से नुकसान और मंडियों में व्यवस्था संबंधी समस्याओं के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। प्रशासन को इस स्थिति को सामान्य प्रशासनिक समस्या मानकर टालने के बजाय तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
किसानों को राहत दिलाना प्राथमिकता
ऊधम सिंह नगर जनपद को कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता है और यहां धान की खरीद का सीधा संबंध बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका से है। ऐसे में सरकारी खरीद की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को जल्द दूर करना जरूरी है। यदि समय रहते खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और हरमिंदर सिंह ढिल्लों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि किसानों की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि खाद्य विभाग और संबंधित अधिकारी राइस मिलर्स तथा कच्चे आढ़तियों के बीच गतिरोध दूर करने और सरकारी धान खरीद को गति देने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाते हैं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | रुद्रपुर