नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शनिवार और रविवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों के जुटने की आशंका के चलते दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया अनुमान के मुताबिक, दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग राजधानी पहुंच सकते हैं और प्रदर्शनकारियों की संख्या 50 हजार तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। जंतर-मंतर, संसद की ओर जाने वाले रास्तों और केंद्रीय दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
इसी घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर की जांच कराने की मांग की गई थी। वहीं, दिल्ली में संभावित यातायात अवरोध और सुरक्षा इंतजामों को देखते हुए रेलवे से जुड़ी यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 और 10 अक्टूबर को कुछ निर्धारित समयावधियों में चलने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की सूचना दी गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
50 हजार प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की आशंका
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) सहित विभिन्न संगठनों की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। इन प्रदर्शनों में दूसरे विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के शामिल होने की संभावना भी जताई गई है।
पुलिस का अनुमान है कि शनिवार और रविवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की संख्या काफी बढ़ सकती है। इसी आशंका को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने की तैयारी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना, भीड़ को नियंत्रित रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया जा रहा है।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों की वास्तविक संख्या कितनी होगी, यह उनके राजधानी पहुंचने और प्रशासन की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
26 हजार तक पहुंच सकती है केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां बुलाई गई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विभिन्न राज्यों से सीआरपीएफ की कंपनियां भी दिल्ली पहुंच रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय बलों के लगभग 23 हजार जवानों की तैनाती की योजना बताई गई है, जबकि व्यापक इंतजामों के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल संख्या 26 हजार तक पहुंचने की बात कही गई है।
महिलाओं की अधिक भागीदारी की संभावना को देखते हुए पांच महिला अर्धसैनिक कंपनियों को भी ड्यूटी पर लगाने की तैयारी है। इनमें लगभग 450 से 500 महिला सुरक्षाकर्मियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
नई दिल्ली जिले में फिलहाल करीब पांच हजार दिल्ली पुलिसकर्मियों की तैनाती बताई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस संख्या को बढ़ाकर 15 हजार तक किया जा सकता है।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की जा रही है। राजघाट सहित कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भी निषेधात्मक आदेश लागू होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए बिना अनुमति सभाओं और जमावड़े पर रोक की बात कही है। इन प्रतिबंधों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले बड़े समूहों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस की ओर से लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में एकत्र नहीं होने की हिदायत दी गई है। होटल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी की याचिका की खारिज
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और कानूनी गतिविधियों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर की जांच की मांग की गई थी।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, अदालत ने याचिका को पहले दिए गए उस फैसले पर दोबारा विचार की मांग से जुड़ा माना, जिसमें संबंधित मामलों को रद्द किए जाने का निर्णय शामिल था। अदालत के इस रुख से याचिकाकर्ता को इस याचिका के माध्यम से मांगी गई राहत नहीं मिल सकी।
इस घटनाक्रम के बीच प्रदर्शनकारी संगठनों की आगे की रणनीति और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। हालांकि, याचिका खारिज होने को प्रदर्शन पर व्यापक न्यायिक प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए; इसके लिए आदेश का पूरा विवरण देखना जरूरी है।
रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
दिल्ली में संभावित प्रदर्शन, यातायात अवरोध और सुरक्षा इंतजामों के बीच रेल यात्रियों के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर को दोपहर दो बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की सूचना दी गई है।
हालांकि, सभी ट्रेनों के रद्द होने संबंधी दावे की पुष्टि यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक सूचना से करनी चाहिए। ट्रेन रद्द होने, मार्ग बदलने या समय में बदलाव की स्थिति ट्रेन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन राजधानी के प्रमुख रेल केंद्र हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं और आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेनें पकड़ते हैं। ऐसे में किसी ट्रेन के रद्द होने से यात्रियों की कनेक्टिंग यात्रा, होटल बुकिंग और अन्य कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
रेलवे यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का नंबर और यात्रा की तारीख डालकर आधिकारिक रेलवे वेबसाइट, राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ सेवा या रेलवे हेल्पलाइन से ताजा स्थिति की पुष्टि करें। केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के आधार पर यात्रा रद्द करने या स्टेशन पहुंचने का निर्णय न लें।
अगले दो दिन प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण
दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और रेल यातायात से जुड़ी खबरों ने राजधानी के घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बना दिया है। एक ओर प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम कर रहा है।
अब सवाल यह है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होते हैं या राजधानी में यातायात और आम जनजीवन प्रभावित होता है। प्रशासन की तैयारियों के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों के रुख और रेलवे की आधिकारिक सूचनाओं पर भी सबकी नजर रहेगी।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की अपील: दिल्ली जाने वाले यात्री अपनी ट्रेन की स्थिति पहले जांचें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का अलर्ट: 50 हजार प्रदर्शनकारियों की आशंका, 26 हजार तक सुरक्षा बल तैनात; कई ट्रेनों पर असर, सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी की याचिका की खारिजहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट
