मिर्जापुर में दिव्या मित्तल का जोरदार स्वागत, मां विंध्यवासिनी के दरबार में टेका माथा; अब राजनीतिक पारी पर निगाहें
पूर्व IAS अधिकारी के पहले दौरे पर उमड़ा जनसमर्थन, ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा माहौल; किस दल से शुरू करेंगी सियासी सफर, अभी सस्पेंस बरकरार
मिर्जापुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में उतरने का ऐलान कर चुकीं पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल रविवार को पहली बार मिर्जापुर पहुंचीं। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन उनके आगमन पर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। उनकी गाड़ी रुकते ही ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे। महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर और फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। लोगों का यह स्नेह देखकर दिव्या मित्तल भावुक नजर आईं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
स्वागत से अभिभूत दिव्या मित्तल ने कहा कि लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से तौल दिया है। यह जनता का प्यार है, जो उन्हें हर बार भावुक कर देता है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे रुलाने का ठेका ले रखा है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।” उनके इस संबोधन के दौरान समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
बिना वीआईपी प्रोटोकॉल के मां विंध्यवासिनी के दर्शन
दिव्या मित्तल दोपहर करीब दो बजे मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचीं। उन्होंने आम श्रद्धालुओं के बीच कतार में लगकर मां के दर्शन किए। इस दौरान पंडित विनय महाराज ने कलश स्थापना कराकर अनुष्ठान शुरू किया। नवरात्रि के पावन अवसर पर उनके मंदिर पहुंचने और सामान्य श्रद्धालुओं की तरह दर्शन करने की चर्चा रही।
30 अगस्त को दिया इस्तीफा, 29 सितंबर को राजनीति में आने का ऐलान
दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे 14 सितंबर को मंजूरी मिली। इसके बाद 29 सितंबर को उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की।
हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या किसी खास विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का ऐलान नहीं किया है। उनका कहना है कि वह जनता के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक दिशा तय करना चाहती हैं और जनता की आवाज बनकर आगे बढ़ना चाहती हैं।
सर्वे में सपा आगे, भाजपा और निर्दलीय विकल्प बराबरी पर
दिव्या मित्तल की संभावित राजनीतिक राह को लेकर दैनिक भास्कर के दो अक्टूबर के पाठक सर्वे में समाजवादी पार्टी को 30 प्रतिशत समर्थन मिला। भाजपा और निर्दलीय चुनाव लड़ने के विकल्प को 28-28 प्रतिशत पाठकों ने चुना, जबकि राजा भैया की पार्टी के पक्ष में 14 प्रतिशत लोगों ने राय दी।
हालांकि, यह सर्वे केवल पाठकों की राय को दर्शाता है। इसे दिव्या मित्तल के राजनीतिक फैसले या किसी दल की ओर से समर्थन का संकेत नहीं माना जा सकता। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगी या स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए बनाई थी अलग पहचान
सितंबर 2022 में मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनीं दिव्या मित्तल अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जन-चौपाल लगाने और पेयजल समस्याओं के समाधान के प्रयासों को लेकर चर्चा में रही थीं। लहुरियादह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल भी उनके कार्यकाल से जुड़ी रही। मिर्जापुर से तबादले के समय स्थानीय लोगों की भावनात्मक विदाई ने भी उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। बाद में देवरिया में तैनाती के दौरान भी वह चर्चा में रहीं।
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए किया। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की। वहीं उनकी मुलाकात गगनदीप सिंह से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया। बाद में दोनों ने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।
दिव्या मित्तल ने सिविल सेवा परीक्षा के पहले प्रयास में सफलता हासिल कर आईपीएस सेवा में प्रवेश किया। गुजरात कैडर मिलने के बाद उन्होंने आईएएस बनने की तैयारी जारी रखी और अगले वर्ष 2013 में उनका आईएएस में चयन हुआ। उनके पति गगनदीप सिंह भी सिविल सेवा अधिकारी रह चुके हैं।
अब किस दिशा में बढ़ेगा राजनीतिक सफर?
दिव्या मित्तल के मिर्जापुर पहुंचने पर हुआ स्वागत उनके पुराने कार्यकाल के दौरान बने जनसंपर्क की चर्चा को फिर सामने ले आया है। लेकिन राजनीति में लोकप्रियता को चुनावी समर्थन में बदलना अपने आप में बड़ी चुनौती होती है। जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता, संगठनात्मक तैयारी, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और किसी दल के साथ उनका संभावित जुड़ाव ही आगे की दिशा तय करेंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासनिक अनुभव और मिर्जापुर से अपने पुराने जुड़ाव के सहारे दिव्या मित्तल किस राजनीतिक मंच से अपनी पारी शुरू करेंगी? क्या वह किसी स्थापित दल का दामन थामेंगी या अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करेंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।
अवतार सिंह बिष्ट की रिपोर्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
